झारखंड में बदलेगा इलाज का अंदाज! रांची में 30 सितंबर से एआई-रोबोटिक तकनीक पर बड़ा कॉन्क्लेव

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झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है. रांची में 30 सितंबर से होने वाले अंतरराष्ट्रीय कॉन्क्लेव में AI, रोबोटिक्स और डिजिटल हेल्थ पर जोर दिया जाएगा. इसका उद्देश्य मरीजों को बेहतर और तकनीक-आधारित इलाज देना है.

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रांची. झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को तकनीक आधारित बनाने की दिशा में राज्य सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), रोबोटिक तकनीक और डिजिटल हेल्थ को बड़े स्तर पर जोड़ने की तैयारी में है. इसी कड़ी में रांची के होटल बीएनआर में 30 सितंबर और एक अक्तूबर को दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय हेल्थ टेक्नोलॉजी कॉन्क्लेव आयोजित किया जायेगा. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कॉन्क्लेव का उद्घाटन करेंगे.

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कॉन्क्लेव में देश-विदेश के स्वास्थ्य विशेषज्ञ, चिकित्सा क्षेत्र के पेशेवर और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल होंगे. देश-विदेश की प्रमुख टेक कंपनियां भी इसमें हिस्सा लेंगी. कंपनियों की ओर से अलग-अलग स्टॉल लगाये जायेंगे, जहां विजीटर्स हेल्थ सेक्टर में एआई और दूसरी आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल की संभावनाओं को देख और समझ सकेंगे.

32 देशों की स्वास्थ्य तकनीक का लिया गया जायजा

कॉन्क्लेव की तैयारी ऐसे समय हो रही है, जब स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने हाल ही में नयी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रदर्शनी में 32 देशों की चिकित्सा तकनीकों का जायजा लिया था. इस दौरान जर्मनी और ओमान के साथ स्वास्थ्य तकनीक के क्षेत्र में संभावित सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई थी.

स्वास्थ्य मंत्री ने एआई, रोबोटिक सर्जरी, आधुनिक एमआरआई-सीटी स्कैन प्रणाली और कैंसर उपचार से जुड़ी तकनीकों पर चर्चा की थी. उन्होंने संबंधित कंपनियों को झारखंड आने का न्योता भी दिया था.

जून में शुरू हुआ था डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स

झारखंड में स्वास्थ्य क्षेत्र को तकनीक से जोड़ने की पहल पहले भी शुरू की जा चुकी है. जून में रांची के होटल बीएनआर चाणक्य में आयोजित मेडटेक इनोवेशन डे में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 'डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स' पहल की शुरुआत की थी. इसका उद्देश्य नयी स्वास्थ्य तकनीकों और नवाचारों का वास्तविक परिस्थितियों में परीक्षण, मूल्यांकन और जरूरत के अनुसार व्यापक इस्तेमाल करना है.

सदर अस्पतालों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की तैयारी

स्वास्थ्य विभाग सरकारी अस्पतालों में इलाज, दवाओं और आपात सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के साथ राज्य में हेल्थ प्रोफाइल सिस्टम विकसित करने पर भी जोर दे रहा है. सदर अस्पतालों की सेवाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में भी पहल की जा रही है. इसके तहत डॉक्टरों और दवाओं की उपलब्धता जैसी जानकारी मरीजों तक डिजिटल माध्यम से पहुंचाने की योजना पर काम किया जा रहा है.

आधुनिक तकनीक से मरीजों को इलाज देने पर जोर : इरफान

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि झारखंड में मरीजों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किये जा रहे हैं. एआई, डिजिटल हेल्थ, रोबोटिक तकनीक और आधुनिक चिकित्सा उपकरणों के इस्तेमाल से उपचार को अधिक सुलभ और तकनीक आधारित बनाने पर जोर है. उनका लक्ष्य है कि बेहतर और अत्याधुनिक इलाज के लिए झारखंड के मरीजों को दूसरे राज्यों का रुख कम करना पड़े.

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