रांची : 1971 के युद्ध में पैर गंवाने वाले सैनिकों को दी गयी मदद

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 18 Dec 2019 6:05 AM

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सैनिक कल्याण निदेशालय परिसर में कार्यक्रम का किया गया आयोजन रांची : मेन रोड सैनिक मार्केट स्थित सैनिक कल्याण निदेशालय परिसर में मंगलवार को भूतपूर्व सैनिकों को सहायता राशि दी गयी़ 1971 के युद्ध में पैर गंवा चुके आनंद खेस, मनसिद्ध कडुंलना, जय मसीह जोजो को तीन पहिया स्कूटी के लिए 50-50 हजार रुपये निदेशालय […]

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सैनिक कल्याण निदेशालय परिसर में कार्यक्रम का किया गया आयोजन

रांची : मेन रोड सैनिक मार्केट स्थित सैनिक कल्याण निदेशालय परिसर में मंगलवार को भूतपूर्व सैनिकों को सहायता राशि दी गयी़ 1971 के युद्ध में पैर गंवा चुके आनंद खेस, मनसिद्ध कडुंलना, जय मसीह जोजो को तीन पहिया स्कूटी के लिए 50-50 हजार रुपये निदेशालय की ओर से दिये गये़

तीनों सिमडेगा के सुदूर इलाके के निवासी है़ं इनके अलावे एक कैंसर पीड़ित भूतपूर्व सैनिक को एक लाख, नौ पूर्व सैनिकों की पुत्रियों की शादी के लिए 50-50 हजार, बच्चों के एडमिशन के लिए चार को 15-15 हजार रुपये के चेक दिये गये. जबकि शारीरिक रूप से कमजोर एक भूतपूर्व सैनिक को हर माह एक हजार रुपये देने की अनुमति दी गयी.

सैनिक कल्याण निदेशालय के निदेशक ब्रिगेडियर बीजी पाठक ने चेक प्रदान किया़ इस दौरान वेटरन इंडिया झारखंड के अध्यक्ष मुकेश कुमार, रांची जिला अध्यक्ष उमेश सिंह, सिमडेगा अध्यक्ष विष्णु महतो, मेजर रामायण सिंह सहित कई अधिकारी उपस्थित थे़

सैनिकों के परिजनों ने क्या कहा : आनंद खेस के दामाद विल्सन बाड़ा, नायक मनसिद्ध कडुंलना की बहू दुलारी कंडुलना, जय मसीह जोजो के पुत्र प्रेम प्रकाश जोजो ने चेक ग्रहण किया. युद्ध के दौरान जय मसीह जोजो के दाेनों पैर कट गये थे.

उन्हें कहीं भी ले जाना होता है, तो उनके पुत्र उन्हें कंधे पर लेकर जाते हैं. जबकि मनसिद्ध का दाहिना पांव माइंस बलास्ट में उड़ गया था. विल्सन लड़ाई के दौरान तीन दिनों तक बर्फ के नीचे रहे थे, जिससे उनका बायां पैर बेकार हो गया व दाहिने पैर का कुछ हिस्सा खराब हो गया. इन्हें कहा गया कि स्कूटी खरीदने के लिए 50 हजार से अधिक रुपये लगेंगे, तो शेष राशि भी दी जायेगी.

पुत्रियों की शादी के लिए जिन्हें राशि दी गयी : जिन सैनिकों की पुत्रियों की शादी के लिए राशि दी गयी उनमें रांची के भूतपूर्व हवलदार जितेंद्र साहू, मनसुख खेस, सार्जेंट शैलेंद्र कुमार वर्मा, हवलदार सुरेंद्र महतो, सीपीओ रोशन अली, स्व सुरजा भूतकुमार की पत्नी सुनमति देवी, गुमला के सार्जेंट मनोज मणि पाठक, चाईबासा के हवलदार किशोरी प्रसाद, नायक विजय मुंडारी शामिल थे. वहीं, रांची के भूतपूर्व सिपाही स्व बुधुवा उरांव की पत्नी पार्वती उरांव, लायंस नायक सुशील तिर्की, गुमला निवासी अजीत साहू तथा चाईबासा निवासी नायक भूषण शर्मा को बच्चों के एडमिशन के लिए चेक दिये गये.

अब तक दो करोड़ की सहायता राशि दी जा चुकी है : ब्रिगेडियर

ब्रिगेडियर पाठक ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में अब तक भूतपूर्व सैनिकों को दो करोड़ रुपये की सहायता राशि दी जा चुकी है़ पुराने सैनिकों और उनके बच्चों को निदेशालय की ओर से कंप्यूटर कोर्स, ग्राफिक्स डिजाइन का कोर्स भी कराया जाता है़ यह भी बताया कि कंप्यूटर कोर्स करने के बाद भूतपूर्व सैनिक के पुत्र नरेंद्र बाहुबली-2 फिल्म का टेक्निकल हेड बना़, जो सभी के लिए गौरव की बात है.

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