रांची : कल्याण विद्यालयों का मर्ज होना अब तक लंबित

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रांची : कल्याण विभाग के करीब 49 मध्य (क्लास 1-6) तथा 18 प्राथमिक विद्यालय (क्लास एक से चार व पांच) नये खुल रहे एकलव्य और आश्रम विद्यालयों में मर्ज होने थे. इसका नीतिगत फैसला करीब सालभर पहले ले लिया गया था. लेकिन विद्यालय व विद्यार्थी हित का यह काम अब तक नहीं हो सका है. […]

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रांची : कल्याण विभाग के करीब 49 मध्य (क्लास 1-6) तथा 18 प्राथमिक विद्यालय (क्लास एक से चार व पांच) नये खुल रहे एकलव्य और आश्रम विद्यालयों में मर्ज होने थे. इसका नीतिगत फैसला करीब सालभर पहले ले लिया गया था. लेकिन विद्यालय व विद्यार्थी हित का यह काम अब तक नहीं हो सका है. यही नहीं, इससे विभाग को भी लाभ होगा. दरअसल इन प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में 60 से लेकर 88 बच्चे ही पढ़ रहे हैं. यानी एक क्लास में 12 से 15 बच्चे. विभाग का मानना है कि इन विद्यालयों पर हो रहा विभाग का खर्च बचाया जा सकता है.
वहीं बच्चों को बाद में उच्च विद्यालय या फिर प्लस टू में नामांकन लेना पड़ता है. विभाग का मानना है कि यदि इन बच्चों को केंद्रीय सहायता से संचालित एकलव्य या केंद्रीय निधि से निर्मित तथा राज्य सरकार द्वारा संचालित आश्रम विद्यालयों में शिफ्ट कर दिया जाये, तो इससे इन बच्चों को ज्यादा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी तथा वे एक ही स्कूल में 10वीं से 12वीं तक की शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं.
चूंकि कल्याण विभाग के सभी 132 प्राथमिक, मध्य, उच्च व प्लस-टू विद्यालय आवासीय हैं. इसलिए इससे बच्चों या अभिभावकों को कोई परेशानी भी नहीं होगी, लेकिन अब तक यह मामला लंबित है. जिस कारण विभागीय स्तर पर कई सवाल खड़े किये जा रहे हैं. इस सिलसिले में अब विभाग के अिधकारियों के दिशानिर्देश का इंतजार किया जा रहा है.
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