भुरकुंडा में ग्रामीणों ने अनिश्चितकाल के लिए ठप किया संगम खदान का कामकाज

Updated:
विज्ञापन

भुरकुंडा में संगम खदान कामकाज को लेकर विरोध करते ग्रामीण : Prabhat Khabar

भुरकुंडा के संगम खदान में रैयत विस्थापितों ने रोजगार और मुआवजे की मांग को लेकर अनिश्चितकाल के लिए कामकाज ठप कर दिया है. प्रबंधन पर अनदेखी का आरोप लगाया गया है.

विज्ञापन

भुरकुंडा(रामगढ़). रैयत विस्थापित मोर्चा और झारखंडी बेरोजगार संघर्ष मोर्चा के बैनर तले ग्रामीणों ने शुक्रवार सुबह से भुरकुंडा के संगम खदान का कामकाज अनिश्चितकाल के लिए ठप करा दिया है. जानकारी के अनुसार खदान में आउटसोर्सिंग कंपनी बीएलए माइनिंग द्वारा ओबी निष्कासन का कार्य किया जा रहा था. सुबह करीब 8 बजे मोर्चा के सैकड़ों समर्थक ट्रांसपोर्टिंग मार्ग पर बैठ गए और रास्ते पर ही टेंट लगा दिया. काम बंद होने से खदान में सैकड़ों हाइवा जहां-तहां खड़े हो गए.

आपके शहर में

विज्ञापन

जुलाई में भी धरना-प्रदर्शन किया गया था

मोर्चा के प्रतिनिधियों ने कहा कि विस्थापित परिवार लंबे समय से रोजगार, मुआवजा और पुनर्वास की मांग कर रहे हैं, लेकिन कंपनी प्रबंधन और प्रशासन द्वारा उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है. मजबूर होकर उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है.प्रतिनिधियों ने बताया कि अपनी मांगों को लेकर पिछली बार 24 जुलाई को भी अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन कर ट्रांसपोर्टिंग कार्य बंद किया गया था.

इस बार आर-पार की लड़ाई होगी : समिति

वह आंदोलन लगभग एक सप्ताह तक चला था और प्रबंधन के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ था. समिति ने कहा कि इस बार आर-पार की लड़ाई होगी, अब प्रबंधन के झूठे आश्वासन में आने वाले नहीं हैं. जब तक रोजगार और अन्य सुविधाएं नहीं मिलतीं, आंदोलन जारी रहेगा.


ये भी पढ़ें: झुमरीतिलैया में अतिक्रमण पर चला प्रशासन का डंडा, सड़क-फुटपाथ से हटाये गये कब्जे

रैयतों की मुख्य मांगें

1. आउटसोर्सिंग कंपनी में 75 प्रतिशत रोजगार रैयत-विस्थापितों को दिया जाए. 2. लोकल सेल का संचालन विस्थापितों के जिम्मे दिया जाए. 3. कोयला परिवहन का ठेका विस्थापितों को दिया जाए. 4. सभी विस्थापित परिवारों को शीघ्र मुआवजा और अन्य सुविधाएं दी जाएं.

आंदोलन में रंजीत बेसरा, वीरेंद्र मांझी, सन्नी कुमार बेसरा, शंकर मांझी, बिहारी मांझी, ब्रह्मदेव मुर्मू, किशुन नायक, संजय नायक, बहादुर मांझी, सुनील मुर्मू, राज मुर्मू, आफताब अंसारी, राजन करमाली सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हैं.

ये भी पढ़ें: झाड़-फूंक में बीता इलाज का वक्त, मां समेत दो बच्चों की मौत; टायफाइड-मलेरिया की आशंका

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola