पलामू के स्कूलों का है संदेश — हेलमेट-सीटबेल्ट से सुरक्षित बने प्रदेश
पलामू के स्कूलों का संदेश | Prabhat Khabar Network
पलामू के स्कूलों में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाकर छात्रों ने हेलमेट और सीटबेल्ट के महत्व को समझाया और यातायात नियमों के पालन की शपथ ली।
पलामू . जिले के सभी माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान का व्यापक स्तर पर आयोजन किया गया. इस राष्ट्रव्यापी और जिलास्तरीय अभियान का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी के माध्यम से समाज में यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदारी का भाव जगाना है. विद्यालय परिसर से लेकर सड़कों तक विद्यार्थियों ने जोश और रचनात्मकता के साथ लोगों को जीवन रक्षा का पाठ पढ़ाया.
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जागरूकता रैली और रचनात्मक प्रतियोगिताओं
अभियान की शुरुआत पलामू जिले के विभिन्न विद्यालयों में भव्य जागरूकता रैलियों के साथ हुई. छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर पूरे उत्साह के साथ नारे लगाये और आमजन को सुरक्षित सफर के लिए जागरूक किया. इस दौरान विद्यालयों के बीच कई बौद्धिक और रचनात्मक प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गयी. निबंध प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों ने सड़क दुर्घटनाओं के कारणों, उनकी रोकथाम और सुरक्षित यात्रा के व्यावहारिक उपायों पर अपने विचार साझा किए. वहीं, पेंटिंग और पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में बच्चों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया. उन्होंने रंगों के जरिये ट्रैफिक सिग्नल के महत्व, तेज रफ्तार (ओवर-स्पीडिंग) के जानलेवा खतरों और जीवन रक्षा के संदेशों को बेहद आकर्षक ढंग से दीवारों और कैनवास पर उकेरा.
दुर्घटना से देर भली का जीवन मंत्र
इस अभियान का सबसे संवेदनशील और प्रभावी हिस्सा सामूहिक शपथ कार्यक्रम रहा. पलामू के प्रत्येक विद्यालय में सुबह की प्रार्थना सभा के दौरान एक साथ हजारों छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई गई. सभी ने पूरी कड़ाई से यातायात नियमों का पालन करने, दोपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनने, चार पहिया वाहन में सीटबेल्ट का नियमित उपयोग करने और कभी भी लापरवाही से वाहन न चलाने का दृढ़ संकल्प लिया. इस दौरान दुर्घटना से देर भली के मूल मंत्र पर विशेष जोर दिया गया. शिक्षकों ने बच्चों को समझाया कि मंजिल पर पहुंचने में पांच मिनट की देरी किसी भयानक सड़क हादसे का शिकार होने से कहीं बेहतर है, इसलिए संयम और अनुशासन ही सड़क पर सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है.
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रोड सेफ्टी क्लब का गठन
पलामू का प्रत्येक विद्यालय इस जागरूकता अभियान को केवल एक दिन के आयोजन तक सीमित नहीं रखना चाहता, बल्कि इसे एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. इसके तहत जिले के सभी स्कूलों में भविष्य के लिए एक ठोस कार्ययोजना तैयार की गयी है. अब प्रत्येक विद्यालय में स्थायी तौर पर रोड सेफ्टी क्लब का गठन किया जायेगा, जो समय-समय पर यातायात गतिविधियों की निगरानी करेगा.
अभिभावकों से विशेष अपील
स्कूल परिसरों में ट्रैफिक साइन बोर्ड और प्रेरक स्लोगन लिखे जायेंगे ताकि बच्चे हर दिन उन्हें देख सकें. इसके साथ ही, आगामी शिक्षक-अभिभावक बैठक में माता-पिता से विशेष अपील की जायेगी कि वे अपने नाबालिग बच्चों को बिना ड्राइविंग लाइसेंस के किसी भी परिस्थिति में दोपहिया या चार पहिया वाहन न सौंपें, क्योंकि बच्चों की सुरक्षा में ही पूरे परिवार की खुशहाली छिपी है.
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