नीलगायों के आतंक से किसान परेशान, रातों-रात तिल,अरहर और मकई की फसलें रौंदी

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नीलगाय | Prabhat Khabar Network

मोहम्मदगंज के कई गांवों में नीलगायों के झुंड ने तिल, अरहर और मकई की खड़ी फसलें रौंदकर किसानों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया है। वन विभाग बेबस नजर आ रहा है।

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पलामू. मोहम्मदगंज प्रखंड के रामनगर टोला, झरिवा, नदीपर, गोला पत्थर, राजनडीह, शिलापर, भजनिया और पोटो गांव के किसान नीलगायों के झुंड से परेशान हैं. नीलगायों का झुंड खेतों में लगी खरीफ फसल तिल, अरहर और मकई को लगातार नुकसान पहुंचा रहा है. शुक्रवार रात नीलगायों ने रामनगर के मुन्नी मेहता, भोला मेहता, राम जनम राम और पोटो गांव के रामचंद्र राम के खेत में लगी दलहन व तिलहन की फसल बर्बाद कर दी.

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किसानों को हो रहा हैं आर्थिक नुकसान

किसानों ने बताया कि नीलगाय रात के अंधेरे में खेतों में पहुंचती हैं और कुछ ही देर में फसल खाकर और रौंदकर नष्ट कर देती हैं. इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. किसानों का कहना है कि धान में बालियां निकलने के समय नीलगायों का प्रकोप और बढ़ने की आशंका है.

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डिहई पहाड़ बना नीलगायों का बसेरा

ग्रामीणों के प्रयास से डिहई पहाड़ का जंगल अब घना हो गया है. किसानों के अनुसार यही जंगल नीलगायों का सुरक्षित ठिकाना बन गया है. यह वन विभाग कार्यालय से करीब एक किलोमीटर दूर है. वन कर्मियों का कहना है कि नीलगायों पर नियंत्रण के लिए विभाग के पास कोई प्रभावी उपाय नहीं है. हालांकि, जंगली जानवरों से फसल क्षति पर मुआवजा देने का प्रावधान है.


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