पलामू में हाईटेक होगा पुलिस का इंफ्रास्ट्रक्चर, डीआईजी कौशल किशोर ने रखी नए थाने की आधारशिला
पलामू में साइबर, महिला, एंटी ह्यूमन ट्रैकिंग और एससी-एसटी थाना एक ही हाईटेक परिसर में बनेंगे। पुलिस आधुनिकीकरण की दिशा में यह एक बड़ा कदम है।
Palamu News: पलामू प्रमंडल और जिला पुलिस प्रशासन के इतिहास में बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण, प्रशासनिक सुगमता और आधुनिक पुलिसिंग की दिशा में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है. शुक्रवार को जिला मुख्यालय मेदिनीनगर के सदर थाना क्षेत्र के अंतर्गत पोखराहा स्थित मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के समीप एक ही बड़े परिसर में चार अत्यंत महत्वपूर्ण, संवेदनशील और विशेष विंग के थानों के नये भवनों की आधारशिला रखी गयी है.
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पलामू के डीआईजी ने किया शिलान्यास
पलामू रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआइजी) किशोर कौशल और पलामू पुलिस अधीक्षक (एसपी) कपिल चौधरी ने संयुक्त रूप से वैदिक मंत्रोच्चार, भूमि पूजन और शिलापट्ट का अनावरण कर इन थानों का शिलान्यास किया. इस नये एकीकृत पुलिस कॉम्प्लेक्स में साइबर अपराध थाना, महिला थाना, मानव तस्करी विरोधी इकाई (एंटी ह्यूमन ट्रैकिंग यूनिट ) और अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति थाना का निर्माण कराया जायेगा. इस ऐतिहासिक शिलान्यास समारोह के अवसर पर पलामू जिला पुलिस के तमाम वरिष्ठ अधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और विभिन्न थानों के प्रभारी मुख्य रूप से मौजूद रहे. कार्यक्रम के दौरान सभी अधिकारियों ने इस सामूहिक परिसर की रूपरेखा पर अपने विचार रखे.
इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह डिजिटल: डीआईजी
डीआईजी किशोर कौशल ने निर्माण एजेंसी को सख्त लहजे में निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जायेगा. सभी भवनों का निर्माण पूरी पारदर्शिता के साथ निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा होना चाहिए. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन थानों का इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह डिजिटल, हाई-टेक और कॉर्पोरेट स्तर की आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा ताकि सायबर अपराधियों और अंतर-राज्यीय मानव तस्करों पर पैनी नजर रखी जा सके.
अत्याधुनिक संसाधनों से लैस होगी पलामू पुलिस: एसपी
पलामू एसपी कपिल चौधरी ने इस कदम को पलामू पुलिस के आधुनिकीकरण के नये युग की शुरुआत बताया. उन्होंने कहा कि पुलिस का मुख्य काम समाज के सबसे अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सुरक्षा का अहसास कराना है. इस परिसर के चालू हो जाने से जिला पुलिस अधिक उत्तरदायी, संवेदनशील और परिणामोन्मुखी बनेगी. कमजोर व शोषित वर्गों को त्वरित और निष्पक्ष न्याय दिलाने की प्रक्रिया में अभूतपूर्व तेजी आयेगी.
गंभीर चुनौतियों से निपटने में पुलिस को मिलेगी मदद
उन्होंने कहा कि पलामू जैसे भौगोलिक रूप से बड़े, सुदूरवर्ती और संवेदनशील जिले में अपराध के बदलते स्वरूप, विशेषकर तेजी से बढ़ते साइबर फ्रॉड, महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों और मानव तस्करी जैसी गंभीर चुनौतियों से निपटने के लिए जिला पुलिस को अत्याधुनिक संसाधनों से लैस करना इस मेगा प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य है. वर्तमान में ये विशेष थाने शहर के अलग-अलग हिस्सों में पुराने, संकीर्ण या किराये के भवनों में संचालित हो रहे हैं, जिससे न केवल पुलिसिंग प्रभावित होती है बल्कि आम जनता को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
कानून व्यवस्था के लिए एक मील का पत्थर : एसडीपीओ
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी चिरंजीवी मंडल ने समारोह की सुरक्षा व्यवस्था, प्रोटोकॉल और प्रशासनिक रूपरेखा की कमान संभाली. उन्होंने कहा कि यह परिसर अनुमंडल क्षेत्र के साथ-साथ पूरे जिले की कानून व्यवस्था के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा.
ट्रैफिक और प्रशासनिक दबाव होगा कम: थाना प्रभारी
टाउन थाना प्रभारी ज्योतिलाल रजवार ने शहरी क्षेत्र में इस एकीकृत परिसर के शुरू होने से मुख्य शहर पर पड़ने वाले ट्रैफिक और प्रशासनिक दबाव के कम होने तथा आम जनता को मिलने वाली बड़ी राहत पर चर्चा की.
मिलेगी चौतरफा सुरक्षा व्यवस्था: सदर थाना प्रभारी
सदर थाना प्रभारी अफजल अंसारी ने भूमि आवंटन की प्रक्रिया, परिसर की भौगोलिक सीमाओं, पहुंच मार्गों और इस नये हब की चौतरफा सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण इनपुट्स साझा किये1
महिलाएं रख सकेंगी अपनी बात: महिला थाना प्रभारी
महिला थाना प्रभारी पार्वती कुमारी ने नये भवन के शिलान्यास पर विशेष प्रसन्नता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि नये भवन में महिला पीड़ितों की काउंसलिंग के लिए एक अलग, निजी और संवेदनशील माहौल तैयार किया जायेगा, जिससे पीड़ित महिलाएं बिना किसी झिझक या डर के अपनी बात पुलिस के सामने रख सकेंगी.
निर्माण कार्य से जुड़ी तकनीकी बारीकियों को बताया
सार्जेंट मेजर सुरेश राम पुलिस लाइन की ओर से निर्माण कार्य से जुड़ी तकनीकी बारीकियों, साजो-सामान की आवश्यकताओं और भविष्य के बुनियादी ढांचे की ब्लूप्रिंट की देखरेख किया. और कई महत्वपूर्ण बारीकियां को बताया.
क्या होगा लाभ
चारों तकनीकी और विशेष विंग को एक ही छत के नीचे लाने से पुलिस के आला अधिकारियों, जांचकर्ताओं और तकनीकी टीमों के बीच रीयल-टाइम समन्वय स्थापित हो सकेगा. साइबर सेल और एंटी ह्यूमन ट्रैकिंग यूनिट जैसी इकाइयां अब सूचनाओं का तेजी से आदान-प्रदान कर सकेंगी.
एकल-खिड़की सुविधा
ग्रामीण और सुदूर नक्सल प्रभावित इलाकों से आने वाले अत्यंत गरीब, महिला, दलित और शोषित वर्ग के पीड़ितों को अब अलग-अलग थानों के चक्कर काटकर भटकना नहीं पड़ेगा. पीड़ित परिवार एक ही परिसर में आकर अपनी सुरक्षा और न्याय के लिए गुहार लगा सकेंगे.
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मेडिकल कॉलेज से समीपता का रणनीतिक लाभ
स्थान का चयन मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज के ठीक पास किया गया है, जो एक बड़ा रणनीतिक फैसला है. महिला उत्पीड़न, पोक्सो एक्ट और एससी-एसटी मामलों में अक्सर त्वरित मेडिकल जांच, फॉरेंसिक साक्ष्य संकलन और मेडिकल बोर्ड के गठन की आवश्यकता होती है. अस्पताल के नजदीक होने से यह पूरी कानूनी प्रक्रिया बेहद कम समय में पूरी हो जायेगी, जिससे अदालतों में साक्ष्य कमजोर नहीं होंगे और अपराधियों को सजा दिलाना आसान होगा.
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