खनिज संशोधन कानून के विरोध में पांकी में झामुमो का धरना, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

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नेताओं द्वारा राष्ट्रपति के नाम सीओ को आवेदन सौंपते हुए | Prabhat Khabar Network

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झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने पांकी में केंद्र सरकार के खान एवं खनिज संशोधन कानून के खिलाफ धरना दिया. नेताओं ने राज्य के खनिज संसाधनों पर अधिकार और राजस्व हितों की रक्षा की मांग की. अंत में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया.

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पांकी. खान एवं खनिज से संबंधित संशोधन कानून के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की ओर से शनिवार को पांकी प्रखंड मुख्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया गया. धरना के दौरान झामुमो नेताओं ने केंद्र सरकार के खनिज संबंधी प्रावधानों का विरोध करते हुए झारखंड के खनिज संसाधनों पर राज्य के अधिकार और राजस्व हितों की रक्षा की मांग की. कार्यक्रम के अंत में पार्टी नेताओं ने राष्ट्रपति के नाम पांकी के अंचलाधिकारी मारवाड़ी साहू को ज्ञापन सौंपा.

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धरना को संबोधित करते हुए झामुमो के पूर्व केंद्रीय सदस्य सह पांकी कार्यक्रम प्रभारी सुनील कुमार तिवारी ने कहा कि खान एवं खनिज से संबंधित संशोधन कानून से राज्यों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि झारखंड देश के प्रमुख खनिज उत्पादक राज्यों में शामिल है और राज्य की अर्थव्यवस्था में खनिज संसाधनों की महत्वपूर्ण भूमिका है. खनिज से प्राप्त राजस्व राज्य की विकास योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण है. ऐसे में खनिज संबंधी अधिकारों एवं राजस्व पर असर पड़ने से राज्य के विकास पर भी प्रभाव पड़ सकता है.

तिवारी ने कहा कि झारखंड अपने खनिज संसाधनों से जुड़े बकाये की मांग लंबे समय से करता रहा है. उन्होंने दावा किया कि केंद्र के पास राज्य की करीब 1.36 लाख करोड़ रुपये की रॉयल्टी बकाया है. उन्होंने कहा कि एक ओर राज्य अपने बकाये की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी ओर खनिज से संबंधित अधिकारों को प्रभावित करने वाले प्रावधान लागू किये जा रहे हैं.

झामुमो नेता ने कहा कि पार्टी झारखंड के हितों से जुड़े इस मुद्दे पर लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जारी रखेगी. उन्होंने कहा कि झामुमो की मुख्य मांग है कि खनिज संबंधी संशोधन कानून को वापस लिया जाए अथवा झारखंड को इसके प्रावधानों से मुक्त किया जाए. उन्होंने झारखंड आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य की पहचान और अधिकारों की लड़ाई लंबे संघर्ष से जुड़ी रही है. झामुमो राज्य के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करता रहेगा.

वहीं झामुमो प्रखंड अध्यक्ष मिथलेश पांडेय ने कहा कि झारखंड के हितों से जुड़े किसी भी मुद्दे पर समझौता नहीं किया जाएगा. उन्होंने खनिज संबंधी निर्णय को वापस लेने तथा राज्य के अधिकारों एवं राजस्व हितों की रक्षा की मांग की.

धरना के बाद झामुमो नेताओं ने अंचलाधिकारी मारवाड़ी साहू को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में खनिज संबंधी संशोधन कानून की समीक्षा एवं वापसी तथा झारखंड के संवैधानिक और वित्तीय अधिकारों की रक्षा की मांग की गयी.

मौके पर झामुमो के पूर्व केंद्रीय सदस्य सह पांकी कार्यक्रम प्रभारी सुनील कुमार तिवारी, जिला उपाध्यक्ष राकेश सिन्हा, प्रखंड अध्यक्ष मिथलेश पांडेय, प्रखंड सचिव सुनील प्रसाद यादव, प्रखंड उपाध्यक्ष संजय यादव, संगठन मंत्री सुनील ठाकुर, राजकुमार उरांव, राजेंद्र राम, कामाख्या राम, नरेश यादव, सम्बूल हुसैन, विजय साव, बीरेन्द्र गिरी, रवींद्र यादव एवं उदय प्रसाद समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं समर्थक मौजूद थे.

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