चीनी की जमाखोरी पर प्रशासन सख्त, बैरिया बाजार के पांच बड़े प्रतिष्ठानों में छापा

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छापेमारी और निरीक्षण की कार्रवाई करते जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रमोद कुमार

जिला प्रशासन ने मेदिनीनगर में चीनी की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए बड़ी कार्रवाई की है. बैरिया बाजार स्थित पांच बड़े चीनी व्यापारियों के ठिकानों पर छापेमारी कर स्टॉक और दस्तावेजों की जांच की गई.

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मेदिनीनगर से राकेश पाठक की रिपोर्ट

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मेदिनीनगर: चीनी की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए जिला प्रशासन ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की. जिला प्रशासन की विशेष टीम ने शहर के बड़े चीनी व्यापारियों के ठिकानों पर छापेमारी और निरीक्षण किया. जिला आपूर्ति पदाधिकारी (डीएसओ) प्रमोद कुमार के नेतृत्व में कृषि बाजार प्रांगण, बैरिया स्थित थोक व्यवसायियों के गोदामों में जांच अभियान चलाया गया.

पांच बड़े प्रतिष्ठानों के गोदामों की जांच

प्रशासनिक टीम ने बैरिया बाजार प्रांगण में स्थित कई बड़े प्रतिष्ठानों के स्टॉक और दस्तावेजों को खंगाला. जिन थोक विक्रेताओं के गोदामों की सघन जांच की गयी, उनमें मेसर्स गौरव ट्रेडिंग, मेसर्स हार्दिक इंटरप्राइजेज, मेसर्स सुनील गोस्वामी, मेसर्स एसबी सेल और डालटनगंज ट्रेडर्स आदि शामिल हैं.

कृत्रिम किल्लत बर्दाश्त नहीं : डीएसओ

निरीक्षण के बाद डीएसओ प्रमोद कुमार ने कहा कि बाजार में चीनी की कृत्रिम किल्लत पैदा करने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. चीनी की उपलब्धता और उसकी कीमतों पर जिला प्रशासन और खाद्य आपूर्ति विभाग की लगातार पैनी नजर है. उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित नियमों का उल्लंघन, ओवररेटिंग या जमाखोरी पाये जाने पर संबंधित व्यवसायियों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जायेगी.

रोज दर्ज करना होगा चीनी का स्टॉक

डीएसओ ने सभी व्यवसायियों को नियमों का सख्ती से पालन करने की हिदायत दी. सभी व्यापारियों को प्रतिदिन चीनी की आवक और बिक्री का सटीक पंजी संधारित करना होगा. नियमों और आधिकारिक एकरारनामा के अनुसार चिन्हित गोदामों में ही चीनी का भंडारण किया जा सकेगा. किसी भी अघोषित स्थान पर स्टॉक रखने पर उसे अवैध माना जायेगा.

गोदाम के बाहर लगाना होगा स्टॉक बोर्ड

चीनी की किल्लत का फायदा उठाकर उपभोक्ताओं या खुदरा विक्रेताओं से अधिक मूल्य वसूलने पर पूरी तरह रोक रहेगी. हर गोदाम के बाहर डिस्प्ले बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा, जिस पर प्रतिदिन उपलब्ध चीनी के स्टॉक की मात्रा स्पष्ट रूप से अपडेट करनी होगी.

सात दिन से अधिक स्टॉक रखने पर रोक

कोई भी थोक व्यापारी किसी भी परिस्थिति में सात दिनों से अधिक अवधि के लिए चीनी का स्टॉक जमा करके नहीं रख सकता है. प्रशासन ने व्यापारियों को नियमों का पालन करने की सख्त हिदायत दी है.


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