तीन माह बाद पटरी पर लौटी कोयला ढुलाई, पंजाब के लिए फिर दौड़ने लगे डंपर

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ट्रेन में कोयला लोड करते कर्मी | Prabhat Khabar Network

झारखंड के पाकुड़ स्थित पचुवाड़ा सेंट्रल कोल ब्लॉक से पंजाब के लिए कोयला ढुलाई फिर शुरू हो गई है. तीन महीने से बंद पड़ी आपूर्ति बहाल होने से उत्पादन में तेजी आएगी.

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पचुवाड़ा सेंट्रल कोल ब्लॉक से शुक्रवार से शुरू हुआ डंपरों का परिचालन

पाकुड़ : जिले के अमड़ापाड़ा स्थित डीबीएल के पचुवाड़ा सेंट्रल कोल ब्लॉक से पंजाब के लिए करीब तीन माह से प्रभावित कोयला ढुलाई शुक्रवार से फिर शुरू हो गयी. ढुलाई शुरू होने के बाद कोयला लदे वाहनों का परिचालन धीरे-धीरे सामान्य होने लगा है. पचुवाड़ा सेंट्रल कोल ब्लॉक पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) को आवंटित है और यहां उत्पादित कोयले की आपूर्ति पंजाब के ताप विद्युत संयंत्रों को की जाती है.

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कर्मचारियों के आंदोलन से प्रभावित हुआ था कोयला उठाव

बताया जाता है कि पिछले करीब तीन माह से पंजाब में ताप विद्युत संयंत्रों में कार्यरत संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों के संगठनों के आंदोलन के कारण वहां कोयले की खपत और उठाव प्रभावित हुआ था. कर्मचारियों और पंजाब सरकार के बीच विभिन्न मांगों को लेकर गतिरोध बना हुआ था. कर्मचारियों की ओर से नियमितीकरण, प्रत्यक्ष अनुबंध समेत अन्य मांगें उठायी गयी थीं. आंदोलन के कारण ताप विद्युत संयंत्रों के संचालन और कोयले की आवश्यकता पर भी असर पड़ा था.

बाद में पंजाब सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच वार्ता हुई. मांगों को लेकर सहमति बनने के बाद कर्मचारियों ने आंदोलन समाप्त कर दिया. इसके बाद ताप विद्युत संयंत्रों का संचालन सामान्य होने लगा और कोयले की मांग भी बढ़ी.

ट्रेन में कोयला लोड करते कर्मी | Prabhat Khabar Network
ट्रेन में कोयला लोड करते कर्मी | Prabhat Khabar Network

स्थानीय ट्रांसपोर्टरों और वाहन मालिकों को राहत

पंजाब में स्थिति सामान्य होने के बाद पचुवाड़ा सेंट्रल कोल ब्लॉक से कोयला उठाव की प्रक्रिया दोबारा शुरू कर दी गयी है. शुक्रवार से डंपरों के माध्यम से कोयला ढुलाई शुरू होने से कंपनी के खनन एवं परिवहन कार्य में तेजी आने की उम्मीद है. करीब तीन माह बाद ढुलाई शुरू होने से स्थानीय ट्रांसपोर्टरों और वाहन मालिकों को भी राहत मिली है.

सात मिलियन टन उत्पादन व डिस्पैच का लक्ष्य

डीबीएल ने वर्ष 2026 में सात मिलियन टन कोयला उत्पादन और डिस्पैच का लक्ष्य निर्धारित किया है. लक्ष्य हासिल करने के लिए कंपनी की ओर से आधारभूत सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है. इसी क्रम में डीबीएम प्लांट को स्थापित कर चालू कर दिया गया है. यह सड़क की समय पर मरम्मत और रखरखाव के लिए महत्वपूर्ण सुविधा है. इसके माध्यम से सड़क की स्थिति बेहतर बनाए रखने और कोयला परिवहन को सुचारू रखने में मदद मिलेगी.

सड़क सुरक्षा को भी दी जा रही प्राथमिकता

डीबीएल के एवीपी ब्रजेश कुमार ने बताया कि पचुवाड़ा सेंट्रल कोल ब्लॉक से कोयला ढुलाई शुरू हो गयी है. कंपनी की ओर से कोयला ढुलाई को निर्बाध बनाए रखने के लिए सड़क सहित अन्य जरूरी सुविधाओं को दुरुस्त किया गया है. परिवहन व्यवस्था को सुचारू रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि पंजाब के ताप विद्युत संयंत्रों तक कोयले की आपूर्ति नियमित रूप से होती रहे. उन्होंने कहा कि कंपनी का लक्ष्य उत्पादन और डिस्पैच को गति देना है, लेकिन इसके साथ सड़क सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी जा रही है.

चोरी रोकने और चालकों की सुरक्षा पर जोर

कंपनी ने सभी ट्रांसपोर्टरों से कोयला और डीजल चोरी की घटनाओं को पूरी तरह रोकने के लिए निगरानी मजबूत करने को कहा है. चोरी में किसी चालक या कर्मचारी की संलिप्तता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गयी है. साथ ही चालकों की ड्यूटी अधिकतम 12 घंटे तक सीमित रखने का निर्देश दिया गया है.

कंपनी के अनुसार, लंबे समय तक लगातार वाहन चलाने से चालकों में थकान बढ़ती है, जिससे दुर्घटना की आशंका रहती है. कई बार लोडेड ट्रकों के सड़क से उतरने के कारण मार्ग अवरुद्ध होता है. इससे ग्रामीणों को परेशानी होती है और कोयला ढुलाई भी प्रभावित होती है. इसलिए ट्रांसपोर्टरों को चालक बदलने, पर्याप्त आराम देने और सुरक्षित वाहन परिचालन सुनिश्चित करने को कहा गया है.

बड़ी समस्या की सूचना तत्काल देने का निर्देश

इसके अलावा दुर्घटना, ट्रक खराब होने, सड़क जाम अथवा परिवहन से जुड़ी किसी बड़ी समस्या की सूचना तत्काल डीबीएल की संबंधित टीम को देने का निर्देश दिया गया है, ताकि समय पर सुधारात्मक कार्रवाई की जा सके. कंपनी का कहना है कि उत्पादन लक्ष्य के साथ सड़क सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा. डीबीएल और ट्रांसपोर्टरों के संयुक्त प्रयास से सुरक्षित, अनुशासित और निर्बाध कोयला परिवहन सुनिश्चित कर वर्ष 2026 के सात मिलियन टन उत्पादन एवं डिस्पैच लक्ष्य को हासिल करने की तैयारी है.

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