भादी अमावस्या पर सजेगा राणी सती दादी का दरबार, मंगल पाठ से लेकर महाआरती तक होंगे आयोजन
11 सितंबर को भादी अमावस्या मनाई जाएगी। मारवाड़ी समाज में राणी सती दादी जी की पूजा का विशेष महत्व है। जानें इस पर्व की पूजा विधि और धार्मिक आयोजनों के बारे में।
लोहरदगा. झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बताया कि भादो बदी अमावस्या 11 सितंबर को मनायी जायेगी. कई स्थानों पर 10 सितंबर से ही मंगल पाठ, भजन-कीर्तन और ज्योत पूजन सहित धार्मिक आयोजन शुरू हो जायेंगे.
उन्होंने बताया कि मारवाड़ी समाज में श्री राणी सती दादी जी को कुलदेवी के रूप में पूजा जाता है. भादी अमावस्या के अवसर पर घरों और मंदिरों में ज्योत प्रज्वलित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है तथा पितरों का स्मरण किया जाता है.
इस अवसर पर विशेष शृंगार, मंगल पाठ, अखंड ज्योत, ध्वज पूजन, भजन-कीर्तन, चुनरी एवं मेहंदी उत्सव, जागरण, महाआरती और छप्पन भोग समेत कई धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे. संजय सर्राफ ने कहा कि यह पर्व सामाजिक एकता, नारी सम्मान, सेवा और संस्कार का संदेश देता है.
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