आदिवासी धर्म कोड लागू करने से धार्मिक भूमि की सुरक्षा तक, चंदवा में सात सूत्री मांगों को लेकर ज्ञापन

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चंदवा में पारंपरिक पडहा स्वशासन व्यवस्था ने सात सूत्री मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा है. इनमें जाति जनगणना, आदिवासी धर्म कोड लागू करने और धार्मिक भूमि की सुरक्षा जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं.

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चंदवा. पारंपरिक पडहा स्वशासन व्यवस्था की ओर से सात सूत्री मांगों को लेकर मंगलवार को राज्यपाल के नाम बीडीओ चंदन प्रसाद को ज्ञापन सौंपा गया. ज्ञापन में आदिवासी समाज से जुडे विभिन्न मुद्दों के समाधान और पारंपरिक व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की गयी है.

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जाति जनगणना और आदिवासी धर्म कोड की मांग

ज्ञापन में जाति जनगणना-2027 को पारदर्शी तरीके से घर के मुखिया के समक्ष ग्राम प्रधान की निगरानी में कराने की मांग की गयी है. इसके अलावा पूरे देश में आदिवासियों के लिए अविलंब आदिवासी धर्म कोड लागू करने तथा आदिवासियों की धार्मिक भूमि को कॉरपोरेट और भूमाफियाओं से मुक्त कराने की मांग की गयी. पांचवीं अनुसूचित क्षेत्र में ग्रामसभा की अनुमति के बिना भूमि अधिग्रहण नहीं करने का भी आग्रह किया गया है.

धार्मिक स्थलों के सीमांकन और ग्राम प्रधान नियुक्त करने की मांग

पडहा स्वशासन व्यवस्था ने प्रखंड के आदिवासी समाज के धार्मिक स्थलों का सीमांकन कराने की मांग की है. जिन राजस्व ग्रामों में ग्राम प्रधान का निधन हो गया है, वहां पारंपरिक व्यवस्था के तहत महतो, पाहन, ओहदार और पुजार को ग्राम प्रधान बनाने का आग्रह किया गया.

इसके अलावा नए और पुराने खतियान में एकरारनामा नहीं होने से रैयतों को हो रही परेशानी के समाधान के लिए ग्राम स्तर पर शिविर लगाने की मांग की गयी है. राज्यपाल से सभी मांगों पर आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया गया.

ज्ञापन सौंपने वालों में पडहा राजा धनेश्वर उरांव, दीवान शीतमोहन मुंडा, कोटवार जितेंद्र सिंह खरवार समेत अन्य लोग शामिल थे.

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