राज्य में मत्स्य पालन की असीम संभावनाएं

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जिला मत्स्य कार्यालय भवन स्थित सभागार में एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन हुआ.

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मत्स्य पालन को लेकर कार्यशाला: लातेहार.

जिला मत्स्य कार्यालय भवन स्थित सभागार में एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन हुआ. कार्यशाला का शुभारंभ मत्स्य निदेशालय उप-मत्स्य निदेशक (अनुसंधान) के रवि रंजन कुमार, डीपीआरओ डॉ चंदन, अग्रणी बैंक प्रबंधक राजीव कुमार एवं जिला मत्स्य पदाधिकारी स्वर्णलता मधु लकड़ा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. कार्यशाला में जिला मत्स्य पदाधिकारी ने मत्स्य पालन की जानकारी दी. वहीं सभी पंचायतों में मत्स्यजीवी सहयोग समिति के गठन के लिए प्रकिया की जानकारी प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी ने दिया. इस दौरान केसीसी ऋण से संबंधित जानकारी अग्रणी बैंक प्रबंधक ने दी. उप-मत्स्य निदेशक ने कार्यशाला में उपस्थित मत्स्य कृषकों को विभागीय योजनाओं की जानकारी दी. वहीं लातेहार जिला में मात्स्यिकी की संभावनाओं पर विचार रखे. कार्यक्रम में डीपीआरओ ने कहा कि झारखंड कृषि में पिछड़ा राज्य है. किसानों के लिए मत्स्य पालन की असीम संभावनाएं हैं. इसे मिश्रित कृषि के रूप में भी कर सकते है. उन्होंने सरकार की ओर से मत्स्य पालन के लिए चलायी जा रही योजनाओं की जानकारी दी. जिले के मत्स्य पालकों को मछली पालन कर स्वावलंबन की राह पर चलने की अपील की. कार्यशाला में जलाशय स्तरीय चार मत्स्यजीवी सहयोग समितियों के बीच नाव बांटे गये. वहीं तीन मत्स्य बीज उत्पादकों के बीच ऑक्सीजन सिलिंडर बांटे गये. कार्यशाला में जिला के 150 प्रगतिशील मत्स्य पालक, मत्स्य बीज उत्पादक एवं प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के लाभुक शामिल हुए. कार्यशाला में लातेहार जिला के विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे.

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