मानव तस्करी के दोषी को सात वर्ष की सजा और जुर्माना

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प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार सिंह की अदालत ने मानव तस्करी के एक मामले की सुनवाई करते हुए सोनिया बीबी उर्फ सोनिया परवीन को सात वर्ष का कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनायी है

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लातेहार. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार सिंह की अदालत ने मानव तस्करी के एक मामले की सुनवाई करते हुए सोनिया बीबी उर्फ सोनिया परवीन को सात वर्ष का कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनायी है. प्रभारी जिला अभियोजन पदाधिकारी एके दास के अनुसार महुआडांड़ थाना क्षेत्र निवासी सज्जू घासी ने अपनी बेटी को बहला फुसलाकर दिल्ली ले जाने की प्राथमिकी 20 अप्रैल 2015 को दर्ज करायी थी, जिसमें सोनिया बीबी उर्फ सोनिया परवीन को आरोपी बनाया गया था. सज्जू घासी ने बताया कि उनकी बेटी को सोनिया परवीन राजौरी गार्डन दिल्ली ले गयी थी. अभियोजन द्वारा कुल छह गवाहों को पेश किया गया. पीड़िता को सोनिया परवीन के घर से बरामद किया गया, इसलिए पुलिस द्वारा गृह स्वामी तैबुन बीबी के खिलाफ भी आरोप पत्र दाखिल किया था. अदालत ने सुनवाई के उपरांत तैबुन बीबी को रिहा कर दिया, जबकि सोनिया बीबी को भादवि की धारा 367 के तहत सात वर्ष के कठोर कारावास व पांच हजार रुपया जुर्माना तथा भादवि की धारा 368 के तहत पांच वर्ष का कठोर कारावास व तीन रुपये जुर्माना तथा भादवि की धारा 372 के तहत सात वर्ष का कठोर कारावास व पांच हजार रुपये जुर्माना, जुर्माना नहीं देने की स्थिति में अधिकतम तीन माह के कारावास की सजा सुनायी गयी है. अदालत ने सभी सजाएं साथ-साथ चलाये जाने का आदेश पारित किया है.

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