बिना शिशु रोग विशेषज्ञ के चल रहा है आधुनिक वार्ड

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प्रशिक्षित चिकित्सक के भरोसे है नवजातों का जीवन लातेहार : जिला मुख्यालय के सदर अस्पताल के तीसरे तल्ले पर नवजात और गंभीर बीमारी से प्रभावित शिशुओं के लिए पूरी तरह से आधुनिक वार्ड बनाया गया है. इसकी खासियत यह है कि यह पूरी तरह से बंद और वातानुकूलित है. 12 बेड वाले इस वार्ड में […]

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प्रशिक्षित चिकित्सक के भरोसे है नवजातों का जीवन

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लातेहार : जिला मुख्यालय के सदर अस्पताल के तीसरे तल्ले पर नवजात और गंभीर बीमारी से प्रभावित शिशुओं के लिए पूरी तरह से आधुनिक वार्ड बनाया गया है. इसकी खासियत यह है कि यह पूरी तरह से बंद और वातानुकूलित है. 12 बेड वाले इस वार्ड में स्वास्थ्य विभाग ने अपने स्तर से ही 12 बेड उपलब्ध कराये हैं, जिसमे सारी सुविधाएं हैं. इसमे कमी है, तो शिशु रोग विशेषज्ञ की है.
लातेहार सदर अस्पताल में शिशु रोग के लिए एक पद सृजित है, लेकिन आज तक किसी चिकित्सक की पदस्थापना नहीं हुई है. वार्ड में नवजात शिशुओं का इलाज प्रशिक्षित चिकित्सक के भरोसे होता है. इसमे वैसे शिशुओं की देखभाल होती है, जो समय से पहले जन्म लिये हैं. साथ ही जन्म के बाद श्वांस में तकलीफ होने पर यहां इलाज होता है.
एक वर्ष पूर्व बना था वार्ड : सदर अस्पताल में स्पेशल शिशु वार्ड का निर्माण दिसंबर 2017 में पूरा कर लिया गया था. इसमें 12 बेड है, इसकी लागत 15 लाख रुपये से भी अधिक है. 2017 में पूरा होने के बाद जनवरी 2018 में इसे प्रारंभ किया गया. शुरू के दिनों में किसी तरह चलाया गया. बाद में सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ लक्ष्मण प्रसाद को शिशु वार्ड की देखभाल के लिए प्रशिक्षण दिया गया. प्रशिक्षण के बाद वार्ड के प्रभारी का दायित्व इन्हें सौंपा गया. वही शिशुओं की देखभाल के लिए नर्स को भी प्रशिक्षित किया गया. वर्तमान में सात प्रशिक्षित नर्स इस वार्ड में शिशुओं की देखभाल करती है.
क्या कहते है उपाधीक्षक : सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ सतीश कुमार पाठक कहते है कि शिशु वार्ड को पूरी तरह सुविधायुक्त बनाया गया है. राज्य स्तर से ही सारी सुविधाएं उपलब्ध करायी गई है. अस्पताल के चिकित्सक लक्ष्मण प्रसाद को इसके देखभाल के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया है. वही शिशुओं के देखभाल के लिए प्रशिक्षित नर्स को रखा गया है.
सरकार को कई बार लिखा गया है. सिविल सर्जन डॉ एसपी शर्मा ने शिशु वार्ड में शिशु रोग विशेषज्ञ की कमी के सवाल में कहा कि कई बार सरकार को शिशु रोग विशेषज्ञ के लिए लिखा गया है, लेकिन अब तक सरकार द्वारा किसी शिशु रोग विशेषज्ञ की पदस्थापना नहीं की गयी है. सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ लक्षमण प्रसाद को विशेष प्रशिक्षण शिशु वार्ड संचालन के लिए दिया गया है. वर्तमान मे शिशु वार्ड का संचालन डॉ लक्षमण प्रसाद के देखरेख में चल रहा है.
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