टीबी मरीजों की अब घर-घर होगी निगरानी, कोडरमा में हर सहिया को 5 संदिग्धों की पहचान का टारगेट
बैठक में डॉ रमन कुमार व अन्य : प्रभात खबर
कोडरमा जिला यक्ष्मा केंद्र की समीक्षा बैठक में टीबी मरीजों के लिए पोषण किट, नियमित जांच और निक्षय पोषण योजना के भुगतान में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं.
कोडरमा. मंगलवार को कोडरमा जिला यक्ष्मा केंद्र में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई. जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ रमन कुमार की अध्यक्षता में राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत माह अगस्त की मासिक समीक्षा बैठक हुई.
बैठक में उपस्थित गण: मौके पर संजय वर्मा, अखिलेश कुमार, अनु पांडेय, आदित्य कुमार, दीपेश कुमार, प्रकाश कुमार रवि, सुनीता कुमारी, सालिक जफर, वंदना सिंह, सुरेश प्रसाद, धीरेंद्र कुमार चंद्रवंशी, प्रतिभा नारायण, अजय कुमार, आशीष पांडेय, अनिल कुजूर, प्रवीण कुमार रवानी आदि मौजूद थे.
बैठक में जिला यक्ष्मा केंद्र व प्रखंड स्तर के राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के कर्मचारी ने भाग लिया. बैठक में डॉ रमन कुमार ने पूर्व माह की बैठक में दिये गये निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की.
प्रखंड व पंचायत स्तर पर टीबी फोरम का गठन
उन्होंने प्रखंड व पंचायत स्तर पर टीबी फोरम का शीघ्र गठन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
पोषण संबंधी सहायता
साथ ही सभी स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों (STS) को टीबी मरीजों का उनके बॉडी मास इंडेक्स (BMI) के आधार पर वर्गीकरण करने तथा 18.5 से कम बीएमआई वाले मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर निक्षय मित्रों के माध्यम से उपलब्ध कराये जा रहे पोषण किट से लाभान्वित करने को कहा.
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जांच और स्क्रीनिंग
उन्होंने निर्देश दिया कि इलाजरत सभी टीबी मरीजों का माह में कम से कम एक बार सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) व स्वास्थ्य पर्यवेक्षक (STS) स्तर से घर जाकर मिलना सुनिश्चित किया जाये. प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रति सप्ताह पोर्टेबल एक्स-रे मशीन (Hand Held X-ray) के माध्यम से तीन टीबी जांच शिविर आयोजित किये जाने हैं.
इस संबंध में सभी स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों (STS) को वर्ष 2026 के टीबी मरीजों की पंचायतवार सूची तैयार कर एक सप्ताह के अंदर मैपिंग पूरा करने का निर्देश दिया गया. जिला यक्ष्मा पदाधिकारी के अनुसार, जिले में निर्धारित बलगम जांच लक्ष्य की प्राप्ति के लिए, जिसमें हर महीने एक निश्चित संख्या में टीबी संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर उनकी बलगम जांच सुनिश्चित करनी है, प्रत्येक सहिया प्रतिमाह कम से कम पांच टीबी संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर उनकी बलगम जांच सुनिश्चित करायें.
डेटा प्रबंधन
उन्होंने लेखापाल व स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों (STS) को टीबी मरीजों के लंबित निक्षय पोषण योजना भुगतान को शीघ्र पूरा कराने का निर्देश दिया. साथ ही वर्ष 2026 में बलगम जांच केंद्रों पर की गयी जांच का गांव-वार डेटा (Gramwar data) तैयार कर राज्य द्वारा उपलब्ध कराये गये प्रारूप में उपलब्ध कराने को कहा गया.
बैठक में लिए गए मुख्य निर्णय और निर्देश इस प्रकार हैं:
- टीबी फोरम का शीघ्र गठन सुनिश्चित किया जाएगा.
- 18.5 से कम बीएमआई वाले टीबी मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर पोषण किट से लाभान्वित किया जाएगा.
- इलाजरत सभी टीबी मरीजों के पास माह में कम से कम एक बार सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) और स्वास्थ्य पर्यवेक्षक (STS) घर जाकर मिलेंगे.
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