कोडरमा थर्मल पावर स्टेशन में फ्यूल लीकेज, 600 मेगावाट बिजली उत्पादन ठप: राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में 50% तक कटौती का संकट
कोडरमा थर्मल पावर स्टेशन | Prabhat Khabar Network
कोडरमा थर्मल पावर स्टेशन की यूनिट-1 में फ्यूल लीकेज से 600 मेगावाट बिजली उत्पादन ठप हो गया है। बिजली संकट से निपटने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।
कोडरमा. डीवीसी के कोडरमा थर्मल पावर स्टेशन (केटीपीएस) की यूनिट नंबर-1 में फ्यूल लीकेज होने के कारण बिजली उत्पादन ठप हो गया है. यूनिट बंद होने से करीब 600 मेगावाट बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ है. यूनिट को दोबारा कब तक चालू किया जा सकेगा, इसकी स्पष्ट समय-सीमा फिलहाल सामने नहीं आयी है. हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी समस्या को दूर कर एक-दो दिनों में यूनिट को चालू करने का प्रयास किया जा रहा है.
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बिजली कटौती का बढ़ सकता है असर
केटीपीएस की यूनिट बंद होने का असर डीवीसी से बिजली प्राप्त करने वाले झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों के साथ कोडरमा की बिजली आपूर्ति पर भी पड़ने लगा है. केटीपीएस के कार्यपालक अभियंता और पावर ग्रिड से मिली जानकारी के अनुसार, बिजली उत्पादन में कमी के कारण कुछ क्षेत्रों में 50 प्रतिशत तक बिजली कटौती की स्थिति बन सकती है. स्थिति को देखते हुए कोडरमा बिजली विभाग के अधिकारियों ने राज्य मुख्यालय को पूरी जानकारी दे दी है. विभाग की ओर से बिजली आपूर्ति को सामान्य रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की तैयारी भी शुरू कर दी गयी है.
बाहर से बिजली खरीदने की तैयारी
बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की स्थिति में बाहर से बिजली खरीदकर रांची सर्किट में डालने पर विचार किया जा रहा है. अधिकारियों का प्रयास है कि वैकल्पिक स्रोत से बिजली की व्यवस्था कर उपभोक्ताओं को कम से कम परेशानी हो. विभाग का मानना है कि वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए बिजली संकट के असर को कम किया जा सकता है. हालांकि, अंतिम स्थिति केटीपीएस की यूनिट को दोबारा चालू करने और उपलब्ध बिजली पर निर्भर करेगी.
वैकल्पिक बिजली की व्यवस्था का प्रावधान
जानकारी के अनुसार, डीवीसी और झारखंड सरकार के बीच हुए समझौते के तहत प्लांट के चालू रहने पर निर्धारित मात्रा में बिजली की आपूर्ति की जाती है. उत्पादन प्रभावित होने की स्थिति में वैकल्पिक स्रोत से बिजली की व्यवस्था का प्रावधान भी है. इसी प्रावधान के तहत कोडरमा में बिजली आपूर्ति सामान्य रखने की तैयारी की जा रही है. विभागीय अधिकारी वैकल्पिक स्रोतों से बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने की कोशिश में जुटे हैं.
डीवीसी के कमांड एरिया में संकट
केटीपीएस की एक यूनिट बंद होने से डीवीसी के कमांड एरिया में बिजली संकट गहराने की आशंका जतायी जा रही है. यूनिट से करीब 600 मेगावाट उत्पादन प्रभावित होने के कारण बिजली की उपलब्धता पर दबाव बढ़ गया है. फिलहाल अधिकारियों का पूरा जोर तकनीकी खराबी को जल्द दूर कर यूनिट को दोबारा चालू करने पर है. यदि एक-दो दिनों में यूनिट चालू हो जाती है, तो बिजली आपूर्ति पर पड़ने वाले संभावित असर को काफी हद तक कम किया जा सकता है.
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