जल-जंगल-जमीन के अधिकार पर संकट? खूंटी के गांवों में ग्रामीणों को एमएमडीआर कानून के प्रभाव बताए

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बैठक में ग्रामीण और झामुमो नेता | Prabhat Khabar Network

कर्रा में एमएमडीआर कानून के संभावित प्रभावों को लेकर ग्रामीणों के साथ बैठक की गई। सात सितंबर को प्रखंड मुख्यालय में धरना-प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की गई है।

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कर्रा. जरियागढ़ पंचायत के होचर पहाड़ टोली, सिमटीमड़ा और सुनगी पंचायत के तिक्की गांव में शनिवार को ग्रामीणों के साथ बैठक कर खान और खनिज विकास एवं विनियमन संशोधन विधेयक 2026 (एमएमडीआर कानून) के संभावित प्रभावों की जानकारी दी गयी.

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बैठक में ग्रामीणों को जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों से जुड़े अधिकारों पर कानून के संभावित प्रभावों के बारे में बताया गया. साथ ही अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और इसके लिए एकजुट होने का आह्वान किया गया. झामुमो केंद्रीय सदस्य मकसूद अंसारी और युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष राहुल केसरी ने ग्रामीणों से अधिकारों की रक्षा के लिए जागरूक रहने की अपील की.

इस दौरान ग्रामीणों से सात सितंबर को कर्रा प्रखंड मुख्यालय में प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की गयी. मौके पर खेदन लकड़ा, रॉबर्ट आइंद, शबनम होरो, एडवर्ड होरो समेत अन्य मौजूद थे.

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