एक साल से टूटी है पुलिया हर बरसात में जरागुटु के ग्रामीण खुद बनाते हैं अस्थायी पुल

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ग्रामीणों ने श्रमदान कर बनाया अस्थायी पुलिया / Prabhat Khabar Network

रनिया के जरागुटु गांव में पुलिया टूटने से ग्रामीण परेशान हैं। एक साल से स्थायी पुल का इंतजार कर रहे लोग अब खुद श्रमदान कर अस्थायी पुल बनाने को मजबूर हैं।

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भूषण की रिपोर्ट रनिया. खटखुरा पंचायत अंतर्गत जरागुटु गांव के ग्रामीण पिछले करीब एक वर्ष से स्थायी पुलिया निर्माण की आस लगाए बैठे हैं. 26 जुलाई 2025 को हुई मूसलाधूस बारिश में गांव को जोड़ने वाली पुलिया तेज पानी के बहाव में बह गयी थी. इसके बाद गांव का संपर्क प्रभावित हो गया. ग्रामीणों ने इसकी जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को देकर स्थायी पुलिया निर्माण की मांग की, लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है.

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बांस और लकड़ी से अस्थायी पुलिया

पिछले वर्ष पुलिया बहने के बाद ग्रामीणों ने खुद श्रमदान कर बांस और लकड़ी से अस्थायी पुलिया तैयार की थी. इसी कमजोर पुल के सहारे किसी तरह आवागमन जारी रहा. अब दोबारा बरसात शुरू होने के साथ ही पुरानी अस्थायी पुलिया भी जवाब दे गयी. इसके बाद ग्रामीणों ने फिर श्रमदान कर बांस और लकड़ी से अस्थायी पुलिया का निर्माण किया है. ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष सरकार से पुलिया निर्माण की उम्मीद करना और अंत में खुद ही पुल बनाना व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है.

बांस-लकड़ी के पुल से अवागमन खतरे से खाली नहीं

जरागुटु के अलावा बेलकीदुरा, ओलांगेर, बुरुरमुंडा और पश्चिमी सिंहभूम जिले के सीमकू, किरशूद, कोड़ाकेल, पनडुवा, बांदु चिरुनग, रेडा, एडा समेत कई गांवों के लोग इसी पुलिया से होकर आवागमन करते हैं. पुलिया टूटने से ग्रामीणों को मुख्य मार्ग तक पहुंचने के लिए कच्चे और खराब रास्ते का सहारा लेना पड़ रहा है. बारिश के दौरान जगह-जगह जलजमाव और कीचड़ होने से बाइक व अन्य वाहन फंस रहे हैं. युवराज सिंह और झलक चिक बड़ाईक ने कहा कि कमजोर बांस-लकड़ी के पुल से बच्चों और मरीजों को ले जाना खतरे से खाली नहीं है.

खेती-किसानी और मजदूरी प्रभावित

दिवाकरण मार्की ने बताया कि कई बार अधिकारियों को आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक निर्माण शुरू नहीं हुआ. अनिल सिंह ने कहा कि स्थायी पुलिया की स्वीकृति मिलने तक ग्रामीण अपने स्तर से अस्थायी पुल बनाकर आवागमन जारी रखने को मजबूर हैं. रंजीत सिंह ने बताया कि पुलिया टूटने से कई गांवों के लोगों की खेती-किसानी और मजदूरी प्रभावित हो रही है.

प्रस्ताव के बाद भी धरातल पर नहीं हुआ काम

फगुआ लोहारा ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण कर सड़क और पुलिया निर्माण का प्रस्ताव प्रशासन को भेजने की बात कही थी, लेकिन अब तक धरातल पर काम शुरू नहीं हुआ है. ग्रामीणों ने जिला परिषद अध्यक्ष मसीह गुड़िया से स्थायी पुलिया निर्माण की दिशा में पहल करने का अनुरोध किया है. इस संबंध में रनिया बीडीओ प्रशांत डांग ने कहा कि क्षतिग्रस्त पुलिया और सड़क निर्माण का प्रस्ताव संबंधित विभाग को भेजा गया है. स्वीकृति मिलते ही नियमानुसार निर्माण कार्य शुरू कराया जायेगा.


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Satyaprakash Pathak

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