Khunti : बिना वजह रेफर नहीं होंगे मरीज, PHC में भी होगा प्रसव; स्वास्थ्य विभाग की बड़ी समीक्षा

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बार कोड स्कैन करते सिविल सर्जन | Prabhat Khabar Network

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खूंटी के उप विकास आयुक्त ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में मरीजों को रेफर न करने और टीबी मुक्त सहयोग कोष की शुरुआत करने के निर्देश दिए.

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खूंटी. समाहरणालय स्थित सभागार में गुरूवार को उप विकास आयुक्त प्रवीण कुमार प्रकाश की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा की गयी. इस अवसर पर डीडीसी ने सभी प्रखंडों में शत-प्रतिशत एएनसी रजिस्ट्रेशन और संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. कहा कि बिना उचित कारण मरीजों को रेफर नहीं करें. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी गर्भवती महिलाओं के संस्थागत प्रसव की व्यवस्था सुनिश्चित करें.

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उन्होंने पोर्टल में शत-प्रतिशत रिपोर्टिंग करने के लिए कहा. कर्रा, तोरपा, खूंटी और मुरहू में संचालित एमटीसी केंद्रों बेड ऑक्यूपेंसी बढ़ाने, गंभीर कुपोषित बच्चों का समय पर पंजीकरण और उपचार सुनिष्चित करने का निर्देश दिया. बैठक में सर्पदंश के मामलों की समीक्षा करते हुए डीडीसी ने त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए कहा. पूर्व के सर्पदंश के मामलों की विस्तृत रिपोर्ट साझा करने के लिए कहा.

टीबी और मलेरिया के संभावित मरीजों की सघन जांच, समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. कुष्ठ रोग, अंधत्व निवारण कार्यक्रम और नेत्र स्वास्थ्य सेवाओं की भी समीक्षा की. डीडीसी ने आगामी चार माह के लिए योजना तैयार कर कैम्प का आयोजन, मोबाइल आई वैन और मोबाइल डेंटल वैन का निर्धारित रोस्टर के अनुसार नियमित एवं प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. उन्होंने आभा और आयुष्मान कार्ड के पात्र लाभुकों का अधिकतम कवरेज सुनिश्चित करने के लिए कहा.

सभी एमओआईसी से कहा कि किसी स्वास्थ्य संस्थानों के संचालन में यदि किसी प्रकार की समस्या या बाधा हो तो उसे तत्काल साझा करें. अस्पताल भवनों की मरम्मत, जीर्णोद्धार अथवा अन्य आधारभूत संरचना संबंधी आवश्यकताओं का आकलन कर यथाशीघ्र प्रस्ताव उपलब्ध कराएं.

टीबी मुक्त सहयोग कोष की शुरूआत

बैठक टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत टीबी मरीजों को गोद लेने, टीबी मरीजों को दिए जाने वाले फ़ूड बास्केट के लिए टीबी मुक्त सहयोग कोष की शुरूआत की गयी. जिसके तहत खोले गए बैंक खाता में लोग स्वेच्छा से सहयोग राशि जमा कर सकते हैं. बैठक में अधिकारियों ने बार कोड को स्कैन कर यूपीआई के माध्यम से सहयोग राशि भी प्रदान किया.

इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ ललित रंजन पाठक ने बताया कि आमजनों से अब इस नए बैंक एकाउंट में प्राप्त होने वाले सहयोग राशि का सदुपयोग टीबी मरीजों के लिए फ़ूड बास्केट खरीदने के लिए किया जाएगा. इस अवसर पर जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ संजय कुजूर, तोरपा और रनिया के एमओआईसी ने निक्षय मित्र बनकर टीबी मुक्त सहयोग कोष में राशि प्रदान किया.

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