Sudivya Kumar Sonu के निधन के बाद कौन संभालेगा उनके विभाग? हेमंत सोरेन सरकार के सामने बड़ी चुनौती
सुदिव्य कुमार सोनू
झारखंड सरकार के वरिष्ठ मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के अचानक निधन से राज्य में शोक की लहर है. अब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सामने उनके महत्वपूर्ण विभागों के बंटवारे की बड़ी प्रशासनिक चुनौती आ खड़ी हुई है.
रांची. झारखंड के मंत्री और झामुमो के वरिष्ठ नेता सुदिव्य कुमार सोनू के अचानक निधन से राज्य सरकार के सामने अब उनके विभागों के बंटवारे की चुनौती खड़ी हो गयी है. सुदिव्य कुमार के पास उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, नगर विकास एवं आवास तथा पर्यटन, कला-संस्कृति, खेल एवं युवा कार्य जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी थी.
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सुदिव्य कुमार सोनू के निधन की खबर रविवार को सामने आयी. झामुमो ने उनके निधन को पार्टी, सरकार और झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति बताया है. अचानक हुए इस निधन के बाद अब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सामने सबसे बड़ी प्रशासनिक चुनौती खाली हुए विभागों के कामकाज को सुचारू बनाए रखने की होगी.
कई महत्वपूर्ण विभागों का संभालते थे जिम्मा
सुदिव्य कुमार के पास एक साथ कई महत्वपूर्ण विभाग थे. उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के जरिए विश्वविद्यालयों, उच्च शिक्षण संस्थानों और तकनीकी शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण काम उनकी जिम्मेदारी में थे. वहीं नगर विकास एवं आवास विभाग राज्य के शहरी क्षेत्रों, नगर निकायों और आवास से जुड़े कामों के लिए महत्वपूर्ण है.
इसके अलावा पर्यटन, कला-संस्कृति, खेल एवं युवा कार्य विभाग भी उनके पास था. ऐसे में उनके निधन के बाद इन सभी विभागों के लिए नये मंत्री या वैकल्पिक प्रभार की व्यवस्था करनी होगी.
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क्या किसी मौजूदा मंत्री को मिल सकता है अतिरिक्त प्रभार?
फिलहाल सरकार की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि सुदिव्य कुमार के विभाग किस मंत्री को सौंपे जाएंगे. सरकार चाहे तो किसी मौजूदा मंत्री को इन विभागों का अतिरिक्त प्रभार दे सकती है. इसके अलावा मंत्रिमंडल में फेरबदल या नये मंत्री को जिम्मेदारी देने का विकल्प भी राजनीतिक रूप से खुला है.
हालांकि, इन विभागों का अंतिम बंटवारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्यपाल की संवैधानिक प्रक्रिया के तहत होने वाले फैसले पर निर्भर करेगा. इसलिए किसी मंत्री का नाम तय मानना अभी जल्दबाजी होगी.
शिक्षा और नगर विकास जैसे विभागों पर रहेगी नजर
सुदिव्य कुमार के निधन के बाद सबसे ज्यादा नजर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा तथा नगर विकास एवं आवास विभाग पर रहेगी. दोनों विभागों में लगातार महत्वपूर्ण प्रशासनिक और नीतिगत फैसले लिये जाते हैं. उच्च शिक्षा से जुड़े मुद्दों के साथ JPSC-JSSC और छात्रों से जुड़े मामलों में भी सुदिव्य कुमार सरकार की ओर से संवाद की भूमिका निभाते रहे थे.
अब इन विभागों की जिम्मेदारी किसे मिलती है, इस पर सरकार के अगले फैसले का इंतजार रहेगा. विभागों के बंटवारे के साथ ही यह भी अहम होगा कि सुदिव्य कुमार के अधूरे काम और लंबित योजनाओं को सरकार किस तरह आगे बढ़ाती है.
गिरिडीह की राजनीति पर भी पड़ेगा असर
सुदिव्य कुमार सोनू गिरिडीह सदर विधानसभा क्षेत्र से झामुमो विधायक थे और 2019 के बाद 2024 में भी चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे. उनके निधन से गिरिडीह की राजनीति पर भी बड़ा असर पड़ना तय माना जा रहा है.
अब सरकार और झामुमो संगठन के सामने एक तरफ उनके विभागों की जिम्मेदारी तय करने की चुनौती है, तो दूसरी तरफ गिरिडीह में पार्टी की राजनीतिक स्थिति और आगे की रणनीति को लेकर भी फैसले लेने होंगे.
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