माल ढुलाई में आसनसोल मंडल का दमदार प्रदर्शन, आय 24.70 फीसदी बढ़ी

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आसनसोल मंडल ने 31 अगस्त तक 23.78 मिलियन टन माल लदान का रिकॉर्ड बनाया है, जो पिछले साल से 10.45% अधिक है. माल आय में भी 24.70% की वृद्धि दर्ज की गई है, जो ₹2400 करोड़ के पार पहुंच गई है. कोयला माल ढुलाई का मुख्य आधार बना रहा, वहीं अन्य वस्तुओं में भी उछाल देखा गया.

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31 अगस्त तक 23.78 मिलियन टन माल लदान, पिछले साल की तुलना में 10.45 फीसदी की वृद्धि

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जामताड़ा : पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल ने चालू वित्तीय वर्ष में 31 अगस्त 2026 तक माल ढुलाई के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है. पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि की तुलना में मंडल के कुल माल लदान में 10.45 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है. माल लदान 21.5324 मिलियन टन से बढ़कर 23.7834 मिलियन टन हो गया है.

माल आय में भी बड़ी छलांग, ₹2,400 करोड़ के पार पहुंचा आंकड़ा

माल ढुलाई से होने वाली आय में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गयी है. पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में जहां माल आय ₹1,924.70 करोड़ थी, वहीं इस वित्तीय वर्ष में यह बढ़कर ₹2,400.02 करोड़ पहुंच गयी. इस तरह माल आय में 24.70 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है.

कोयला बना माल ढुलाई का सबसे बड़ा आधार

माल ढुलाई में कोयला सबसे प्रमुख घटक रहा. कोयला लदान 17.1223 मिलियन टन से बढ़कर 19.5200 मिलियन टन हो गया. इसमें 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है. कुल माल लदान में कोयले की हिस्सेदारी 82 प्रतिशत रही.

उर्वरक से लेकर कंटेनर और पेलेट्स तक बढ़ा लदान

कोयले के अलावा अन्य वस्तुओं के लदान में भी वृद्धि दर्ज की गयी है. उर्वरक लदान में 8.52 प्रतिशत, स्लैग में 59.78 प्रतिशत, कंटेनर यातायात में 65.85 प्रतिशत तथा लौह अयस्क पेलेट्स में 40.90 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.

कुल माल लदान में अलग-अलग वस्तुओं की हिस्सेदारी

कुल माल लदान में उर्वरक की हिस्सेदारी 2.5 प्रतिशत, लौह अयस्क पेलेट्स की 0.29 प्रतिशत, कंटेनर यातायात की 0.23 प्रतिशत तथा अन्य वस्तुओं की हिस्सेदारी 14.78 प्रतिशत रही. आंकड़े बताते हैं कि मंडल के कुल माल परिवहन में कोयले की हिस्सेदारी सबसे अधिक है.

झारखंड और बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए भी अहम

आसनसोल मंडल की माल ढुलाई में यह वृद्धि पश्चिम बंगाल के साथ झारखंड और बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों के औद्योगिक, खनन एवं वाणिज्यिक क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है. माल ढुलाई में वृद्धि से विद्युत, इस्पात, कृषि और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों की आपूर्ति शृंखला को भी मजबूती मिल रही है.

बेहतर परिचालन और माल प्रबंधन से मिली रफ्तार

जानकारी के अनुसार, कुशल रेल परिचालन, रेलवे परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग, प्रभावी माल प्रबंधन और राजस्व प्राप्ति में सुधार से माल ढुलाई प्रदर्शन को गति मिली है. आसनसोल मंडल ने माल परिवहन की दक्षता बढ़ाने और ग्राहक-केंद्रित सेवाओं को मजबूत करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहरायी है.

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