एक माह बाद मुख्य बायीं नहर में छोड़ा गया पानी, गेट बंद रहने से शाखा नहरें अब भी सूखीं

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बाघुड़िया पंचायत में धान के पौधे पीले पड़े | Prabhat Khabar Network

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चांडिल डैम से एक माह बाद मुख्य बायीं नहर में पानी तो छोड़ा गया, लेकिन किसानों के खेतों तक नहीं पहुंच पा रहा है. शाखा नहरों के गेट बंद होने से धान की फसल प्रभावित हो रही है. किसान परियोजना अधिकारियों से तत्काल गेट खोलने की मांग कर रहे हैं.

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गालूडीह : किसानों की मांग के बाद करीब एक माह बाद चांडिल डैम से मुख्य बायीं नहर में पानी छोड़ा गया, लेकिन शाखा नहरों के गेट नहीं खोले जाने से किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है. रविवार को मुख्य नहर में पानी पहुंचने के बावजूद गुड़ाझोर और भूतियाकोचा के पास गेट बंद रहने से शाखा नहरें अब भी सूखी हैं. इससे किसानों में नाराजगी है. किसानों के अनुसार शनिवार तक मुख्य नहर में टेहुना भर पानी था, लेकिन रविवार को नहर पानी से भर गयी. इसके बावजूद शाखा नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया. पानी के अभाव में बाघुड़िया और हेंदलजुड़ी पंचायत के कई गांवों में धान की फसल प्रभावित हो रही है. खेतों में रोग लगने के साथ धान के पौधे पीले पड़ने लगे हैं. इससे किसान चिंतित हैं.

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कई बार मांग के बावजूद समय पर नहीं छोड़ा गया पानी : हुडिंग सोरेन

किसानों का कहना है कि गुड़ाझोर के पास ऑपरेटर की मनमानी के कारण रविवार को मांग के बावजूद शाखा नहर में पानी नहीं छोड़ा गया. इसे लेकर किसानों ने नाराजगी जताते हुए सुवर्णरेखा परियोजना के अधिकारियों से शिकायत की है. किसानों ने जल्द से जल्द गुड़ाझोर और भूतियाकोचा के पास शाखा नहर के गेट खोलकर पानी छोड़ने की मांग की है. बाघुड़िया पंचायत के पूर्व मुखिया हुडिंग सोरेन ने कहा कि नहर में पानी छोड़ने की मांग परियोजना के कनीय अभियंता से कई बार की गयी थी. इसके बावजूद समय पर पानी नहीं छोड़ा गया.

सूखी नहर में उतरकर जताया था विरोध

किसान संघर्ष समन्वय समिति के संयोजक दुलाल चंद्र हांसदा ने भी पिछले दिनों किसानों के साथ सूखी मुख्य नहर में उतरकर विरोध जताया था. किसानों ने बताया कि राखी पूर्णिमा के बाद से मुख्य नहर में पानी छोड़ना बंद कर दिया गया था. इस दौरान सितंबर में भी पर्याप्त बारिश नहीं हुई, जिससे धान की खेती प्रभावित हुई है.

सितंबर तक पानी की जरूरत

किसानों का कहना है कि धान की फसल के लिए सितंबर माह तक ही पानी की विशेष जरूरत होती है. अभी धान में बालियां निकलने का समय शुरू होने वाला है, ऐसे में खेतों में पर्याप्त पानी होना जरूरी है. किसानों ने सुवर्णरेखा परियोजना से मांग की है कि सितंबर माह तक नहर में पानी की आपूर्ति बंद नहीं की जाये. किसानों ने मांग की है कि गुड़ाझोर और भूतियाकोचा के पास शाखा नहर के गेट तत्काल खोलकर मुख्य नहर से पानी छोड़ा जाये, ताकि खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंच सके और धान की फसल को बचाया जा सके.

20जी 9- रविवार को मुख्य नहर पानी से भरा. 20जी 10- गेट नहीं खोलने से शाखा नहर बाघुड़िया में सूखी. 20जी 11- बाघुड़िया पंचायत में धान के पौधे पीले पड़े | Prabhat Khabar Network
20जी 9- रविवार को मुख्य नहर पानी से भरा. 20जी 10- गेट नहीं खोलने से शाखा नहर बाघुड़िया में सूखी. 20जी 11- बाघुड़िया पंचायत में धान के पौधे पीले पड़े | Prabhat Khabar Network
20जी 9- रविवार को मुख्य नहर पानी से भरा. 20जी 10- गेट नहीं खोलने से शाखा नहर बाघुड़िया में सूखी. 20जी 11- बाघुड़िया पंचायत में धान के पौधे पीले पड़े | Prabhat Khabar Network
20जी 9- रविवार को मुख्य नहर पानी से भरा. 20जी 10- गेट नहीं खोलने से शाखा नहर बाघुड़िया में सूखी. 20जी 11- बाघुड़िया पंचायत में धान के पौधे पीले पड़े | Prabhat Khabar Network

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