पारंपरिक व्यवस्था के अगुवाओं को ही मिले मानदेय व अन्य सुविधाएं : देश पारानिक

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तालसा गांव के माझी बाबा दुर्गाचरण मुर्मू की अध्यक्षता में स्वशासन व्यवस्था के प्रमुखों की एक बैठक हुई.

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जमशेदपुर :

सुंदरनगर के पुरीहासा गांव में माझी परगाना महाल धाड़ दिशोम देश पारानिक सह तालसा गांव के माझी बाबा दुर्गाचरण मुर्मू की अध्यक्षता में स्वशासन व्यवस्था के प्रमुखों की एक बैठक हुई. बैठक में दुर्गाचरण मुर्मू ने कहा कि वर्तमान में झारखंड सरकार द्वारा पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था के अगुवा माझी परगना, मानकी मुंडा, पाहन, पाड़हा- राजा आदि को मानदेय एवं मोटरसाइकिल देने के लिए सूची तैयार कर रही है. ऐसे में जानकारी सामने आ रही है कि बहुत सारे गांव में गैर आदिवासी भी प्रधान बने हुए हैं, जो असंवैधानिक है. अनुसूचित क्षेत्रों में पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था के तहत संचालित करते आ रहे पारंपरिक माझी बाबा, परगना, मानकी-मुंडा, पाहन आदि को ही मान्यता दिया जाना है. लेकिन प्रशासन द्वारा पांचवीं अनुसूचित क्षेत्र में कानून का घोर उल्लंघन कर गैर आदिवासियों को प्रधान बनाया गया है. इसका माझी परगना महाल पुरजोर विरोध करता है. उन्होंने कहा कि इसको लेकर जल्द ही माझी परगना महाल का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलेगा और अनुसूचित क्षेत्र में पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था के अगुवा परगना बाबा, मानकी बाबा, पाड़हा- राजा द्वारा सत्यापित किये गये सदस्यों को ही सूची में शामिल करने व मान्यता देने की मांग करेगा.

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