ओड़िशा में बारिश का असर: जमशेदपुर में खरकई डेंजर लेवल के करीब...पढ़ें पूरी अपडेट
उफान पर खरकई नदी
पड़ोसी राज्य ओडिशा और पूर्वी सिंहभूम में हुई भारी बारिश के कारण जमशेदपुर की खरकई नदी का जलस्तर अचानक खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है. महज 16 घंटे में नदी का जलस्तर लगभग एक मीटर बढ़ गया है, जिससे तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है.
जमशेदपुर: पड़ोसी राज्य ओडिशा और पूर्वी सिंहभूम जिले में हो रही बारिश ने जमशेदपुर की नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ा दिया है. नदियों का पानी इतनी तेजी से बढ़ा है कि महज 16 घंटे के भीतर खरकई नदी का जलस्तर लगभग एक मीटर तक चढ़ गया है. शनिवार सुबह 8 बजे सुवर्णरेखा भवन (आदित्यपुर) स्थित फ्लड सेल की रिपोर्ट के अनुसार, खरकई नदी आदित्यपुर पुल के पास खतरे के निशान (129.00 मीटर) से मात्र 95 सेंटीमीटर नीचे 128.05 मीटर पर बह रही है.
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नदी का रुख अभी भी 'राइजिंग' (बढ़ता हुआ) है, जिससे तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. वहीं, मानगो पुल के पास स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर भी 118.80 मीटर पर पहुंच गया है.
रातों-रात पहुंचा ओडिशा का पानी
जलस्तर में इस अचानक वृद्धि का मुख्य कारण ओडिशा के मयूरभंज जिले में हुई भारी बारिश है. वहां लगातार बारिश के कारण ब्यांगबिल और खरकई डैम खतरे के निशान के करीब पहुंच गये थे. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए रायरंगपुर सिंचाई प्रभाग ने शुक्रवार रात 9 बजे दोनों डैम के 2-2 स्पिलवे गेट (0.30 मीटर) खोल दिये. खरकई डैम से 57.642 क्यूमेक और ब्यांगबिल डैम से 46.562 क्यूमेक (कुल 104.204 क्यूमेक) पानी छोड़ा गया.
लगभग 70 से 80 किलोमीटर की दूरी तय कर यह पानी बहाव की गति के अनुसार शनिवार तड़के 3 से 6 बजे के बीच जमशेदपुर पहुंचा है. जिससे सुबह होते ही नदियों का जलस्तर तेजी से ऊपर आ गया. इसके अलावा, शनिवार को ब्यांगबिल क्षेत्र में 62 मिमी और खरकई डैम क्षेत्र में 30 मिमी बारिश होने से वहां से डिस्चार्ज और बढ़ा दिया गया है.
खरकई नदी (आदित्यपुर ब्रिज)
शुक्रवार शाम 4 बजे: 127.18 मीटर शनिवार सुबह 8 बजे: 128.05 मीटर (खतरे का निशान 129.00 मीटर, पानी लगातार बढ़ रहा है)
स्वर्णरेखा नदी (मानगो ब्रिज): शुक्रवार शाम 4 बजे: 118.48 मीटर शनिवार सुबह 8 बजे: 118.80 मीटर (खतरे का निशान 121.50 मीटर)
नदियों के साथ-साथ डैमों में भी बढ़ा पानी का दबाव
चांडिल डैम: जलस्तर 179.23 मीटर पर पहुंच गया है. पानी को नियंत्रित करने के लिए 13 रेडियल गेट व स्लुइस गेट खोले गये हैं. जिससे 756.43 क्यूमेक पानी नदी में छोड़ा जा रहा है.
गालूडीह बराज: जलस्तर बढ़ने के कारण इसके 5 स्लुइस गेट खोले गये हैं. जहां से सबसे ज्यादा 1478.19 क्यूमेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है.
गांजिया बराज: यहां के 6 गेट खोलकर 709.73 क्यूमेक पानी की निकासी की जा रही है.
तटीय इलाकों में अलर्ट
नदियों में उफान और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बाढ़ नियंत्रण कक्ष ने पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिला प्रशासन को हाई अलर्ट भेज किया है. बागबेड़ा, भुइयांडीह, कदमा और शास्त्रीनगर सहित नदी किनारे स्थित निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को नदी की तरफ नहीं जाने की सलाह दी गयी है. प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है. ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके.
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