Jamshedpur News : एमजीएम में बुजुर्गों को इलाज की नहीं मिल रही अलग सुविधा

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Jamshedpur News : कोल्हान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमजीएम में इलाज कराने आने वाले बुजुर्ग मरीजों को इलाज कराने में बहुत परेशानी हो रही है. बुजुर्गों के लिए न तो ��लग से रजिस्ट्रेशन काउंटर है और न ही बैठने की कोई व्यवस्था.

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रजिस्ट्रेशन और इलाज के लिए घंटों लगना पड़ता है लाइन

भीड़ की वजह से कई बुजुर्ग नहीं करा पाते इलाज

Jamshedpur News :

कोल्हान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमजीएम में इलाज कराने आने वाले बुजुर्ग मरीजों को इलाज कराने में बहुत परेशानी हो रही है. बुजुर्गों के लिए न तो अलग से रजिस्ट्रेशन काउंटर है और न ही बैठने की कोई व्यवस्था. ऐसे में बुजुर्गों को भी घंटों लाइन में खड़ा होकर इलाज कराना पड़ रहा है, जिससे उनको परेशानी हो रही है. जबकि राज्य स्वास्थ्य विभाग के द्वारा निर्देश जारी किया गया है कि अस्पताल में इलाज कराने आने वाले बुजुर्गों का अलग काउंटर के साथ उनको ओपीडी में इलाज कराने के लिए लाइन में नहीं लगना है. उनके लिए अगल से व्यवस्था होना चाहिए. एमजीएम अस्पताल में प्रतिदिन 200 से ज्यादा बुजुर्ग किसी न किसी विभाग में इलाज कराने के लिए आते हैं. उनके जांच व रजिस्ट्रेशन के लिए अलग से व्यवस्था नहीं होने के कारण काफी परेशानी होती है. अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ नकुल चौधरी ने बताया कि इस अस्पताल में बुजुर्गों के रजिस्ट्रेशन के लिए अलग से काउंटर खोलने की प्रक्रिया शुरू की गयी थी, लेकिन अब अस्पताल को शिफ्ट करना है जिसको लेकर यह व्यवस्था फिलहाल बंद है. नये अस्पताल में बुजुर्गों को यह सुविधा मिलेगी.

बुजुर्गों को यहां नहीं मिलती कोई सुविधा : ए निशा

साकची निवासी 80 वर्षीय ए निशा मंगलवार की सुबह इलाज कराने के लिए एमजीएम अस्पताल पहुंची थी. उन्होंने बताया कि दांत दर्द का इलाज कराने आयी हूं. अस्पताल में काफी ज्यादा भीड़ है. यहां बुजुर्गों के लिए अलग से न तो रजिस्ट्रेशन काउंटर है और न ही बैठने की कोई अलग व्यवस्था, जिससे काफी परेशानी हो रही है. एमजीएम में बुजुर्गों को किसी प्रकार की कोई सुविधा नहीं मिल रही है.

सदर अस्पताल में बुजुर्गों के लिए रजिस्ट्रेशन और अलग इलाज की है व्यवस्था

खासमहल स्थित सदर अस्पताल में इलाज कराने आने वाले बुजुर्गों के लिए अगल से रजिस्ट्रेशन काउंटर बनाया गया है. इसके साथ ही ओपीडी में भी बुजुर्गों को बिना लाइन लगे डायरेक्ट दिखाने की व्यवस्था की गयी है. साथ ही इलाज बुजर्गों के लिए ओपीडी परिसर में बैठने की भी व्यवस्था की गयी है.

सभी स्वास्थ्य केंद्रों में बुजुर्गों के लिए माह के तीसरे शनिवार को लगता है स्पेशल शिविर

जिले में संचालित सभी स्वास्थ्य केंद्रों में बुजुर्गों की जांच व इलाज के लिए हर माह के तीसरे शनिवार को स्पेशल शिविर लगाया जाता है. उस शिविर में सिर्फ बुजुर्गों की ही जांच व इलाज की व्यवस्था होती है. शिविर में उपस्थित डॉक्टरों के द्वारा शुगर, बीपी सहित अन्य बीमारियों की जांच की जाती है, वहीं जरूरत के अनुसार उन लोगों को दवा भी दी जाती है. जांच के दौरान अगर कोई गंभीर बुजुर्ग आते हैं तो उनको हायर सेंटर रेफर किया जाता है.

आयुष्मान के तहत 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों का होता है नि:शुल्क इलाज

आयुष्मान भारत योजना के तहत 70 साल या उससे ज्यादा उम्र के बुजुर्गों को नि:शुल्क इलाज की सुविधा मिलती है. इस योजना के तहत, बुजुर्गों को हर साल पांच लाख रुपये का कवर मिलता है. इस योजना का लाभ लेने के लिए बुजुर्गों को एक अलग कार्ड जारी किया जाता है. इस कार्ड को दिखाकर वे नि:शुल्क इलाज ले सकते हैं.

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