त्योहारी सीजन में जाना चाहते हैं घर, तो बढ़ेंगी मुश्किलें, अब केवल इन ट्रेनों का ही सहारा...
सांकेतिक तस्वीर.
त्योहारी सीजन में ट्रेनों की टिकट मिलना मुश्किल हो गया है, वेटिंग लिस्ट 150 के पार पहुंच गई है. जानें वैकल्पिक यात्रा साधनों और स्पेशल ट्रेनों के बारे में.
जमशेदपुर : दुर्गापूजा, दीपावली और छठ महापर्व को लेकर ट्रेनों में टिकट को लेकर अभी से मारामारी शुरू हो गयी है. ट्रेनों को रद्द करने की सूची जहां लंबी होती जा रही है, वहीं टाटानगर रेलवे स्टेशन से खुलने और गुजरने वाली प्रमुख ट्रेनों में अक्तूबर से नवंबर महीने तक टिकटों के लिए वेटिंग लिस्ट का आंकड़ा 150 के पार पहुंच चुका है. वहीं, ट्रेनों में सीट नहीं मिलने के कारण अब यात्रियों ने बस, कैब और निजी वाहनों का विकल्प तलाशना शुरू कर दिया है. बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली की ओर जाने वाले कई यात्री ट्रेन के बजाय सड़क मार्ग से यात्रा की योजना बना रहे हैं. वहीं, कैब वाले भी रेट बढ़ा चुके हैं, जिससे मुश्किलें बढ़ गयी हैं.
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पूर्वांचल और बिहार की ट्रेनों में नो रूम
त्योहारों के दौरान पूर्वांचल और बिहार जाने वाले यात्रियों की मुश्किलें अभी से बढ़ती दिख रही हैं. स्थिति यह है कि अक्तूबर के दूसरे व तीसरे हफ्ते में कई ट्रेनों में टिकट बुकिंग की सुविधा ''रिग्रेट'' (नो रूम) तक पहुंच गयी है. हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस, हावड़ा-मुंबई दूरंतो, पुरुषोत्तम एक्सप्रेस, जलियांवाला बाग एक्सप्रेस और छपरा एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों के स्लीपर व थर्ड एसी क्लास में 10 से 30 अक्तूबर के बीच कंफर्म टिकट मिलना लगभग असंभव हो गया है. ऐसे में कई यात्री टाटानगर के बजाय आसपास के ऐसे रेलवे स्टेशनों से टिकट तलाश रहे हैं, जहां सीट उपलब्ध हो और वहां उतरने के बाद निजी वाहन या बस से गंतव्य तक पहुंचा जा सके.
अब सिर्फ तत्काल और स्पेशल ट्रेनों का सहारा
लगातार लंबी होती वेटिंग लिस्ट के बीच अब यात्रियों की उम्मीदें केवल तत्काल कोटे और रेलवे की ओर से चलायी जाने वाली ''पूजा स्पेशल'' ट्रेनों पर टिकी हैं. यात्रियों का कहना है कि स्पेशल ट्रेनों की घोषणा में देरी होने से ऐन वक्त पर यात्रा का प्लान बनाने में भारी परेशानी होती है. लोगों ने मांग की है कि रेलवे जल्द से जल्द टाटानगर से पटना, छपरा, गया और कोलकाता रूट पर पूजा स्पेशल ट्रेनों का शेड्यूल जारी करे, ताकि त्योहार में घर जाने वालों को राहत मिल सके.
दो दर्जन से अधिक ट्रेनें हो चुकी हैं रद्द
चक्रधरपुर रेल मंडल से चलने और खुलने वाली या गुजरने वाली ट्रेनों के रद्द होने की सूची भी लंबी होती जा रही है. टाटानगर-थावे-टाटानगर एक्सप्रेस टाटानगर से 29 सितंबर, 1 व 2 अक्तूबर को रद्द है. वहीं, थावे से 1, 3 व 4 अक्तूबर को रद्द है. टाटानगर-कटिहार-टाटानगर एक्सप्रेस टाटानगर से 30 सितंबर व 3 अक्तूबर, कटिहार से 2 व 5 अक्तूबर को रद्द है. टाटानगर-जयनगर-टाटानगर एक्सप्रेस टाटानगर से 2 अक्तूबर, जयनगर से 3 अक्तूबर को रद्द है. राउरकेला-जयनगर एक्सप्रेस 1 और 3 अक्तूबर, खड़गपुर-हटिया-खड़गपुर एक्सप्रेस आद्रा-हटिया के बीच आंशिक रद्द है. टाटानगर-आसनसोल- टाटानगर मेमू आद्रा-टाटानगर/आसनसोल के बीच आंशिक रद्द रहेगी. चक्रधरपुर-गोमो-चक्रधरपुर मेमू महुदा-गोमो के बीच आंशिक रद्द रहेगी.
हवाई किराया भी काफी ज्यादा बढ़ा
जमशेदपुर तक आने के लिए लोगों को रांची या फिर कोलकाता की फ्लाइट लेनी होती है. इसके टिकट के दाम आसमान छू रहे हैं. अभी से ही सारे टिकट 10 हजार रुपये के आसपास हैं या फिर 15 हजार रुपये तक लिये जा रहे हैं. खास तौर पर दिल्ली, मुंबई, पुणे, बंगलुरु समेत अन्य नगरों की फ्लाइट की कीमत आसमान छू रही है, जिससे यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गयी हैं.
प्रमुख ट्रेनों में सीट की स्थिति
पुरुषोत्तम एक्सप्रेस : फर्स्ट एसी में 3 से 8 और सेकेंड एसी में 14, 15, 16 अक्तूबर को ''रिग्रेट'' हो चुका है. अन्य तिथियों में थर्ड एसी की वेटिंग लिस्ट 180 के करीब पहुंच गयी है.
गीतांजलि एक्सप्रेस : 1 से 23 अक्तूबर के बीच सेकेंड एसी में 128 और थर्ड एसी में 121 तक वेटिंग है. वहीं, स्लीपर क्लास में 15 व 16 अक्तूबर को वेटिंग 182 के पार चली गयी है.
राजधानी एक्सप्रेस : 16 अक्तूबर को सभी श्रेणियों में टिकट ''रिग्रेट'' हो चुके हैं. 18, 19, 20 अक्तूबर को थर्ड एसी में 152 वेटिंग है, जबकि सामान्य दिनों में आंकड़ा 87 तक बना हुआ है.
इन ट्रेनों में 12 से 17 अक्तूबर तक सभी श्रेणी के टिकट वेटिंग
12129 आजाद हिंद एक्सप्रेस (पुणे - हावड़ा), 12833 अहमदाबाद - हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस व 12859 मुंबई सीएसएमटी-हावड़ा गीतांजलि एक्सप्रेस.
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