रामचंद्रपुर के सबर बस्ती में अधिकतर लोग कुपोषित

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जमशेदपुर : घाटशिला के रामचंद्रपुर स्थित सबर बस्ती के अधिकतर लोग कुपोषित हैं. उनको भरपेट खाना तक नहीं मिल रहा है. वहां पर पिकनिक मनाने आने वाले लोगों द्वारा छोड़ा जा रहा झूठा खाकर वे जिंदगी बिता रहे हैं. 17 जनवरी को एमजीएम अस्पताल में कुपोषण से हुई कृष्णा पात्रो की मौत की जांच करने […]

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जमशेदपुर : घाटशिला के रामचंद्रपुर स्थित सबर बस्ती के अधिकतर लोग कुपोषित हैं. उनको भरपेट खाना तक नहीं मिल रहा है. वहां पर पिकनिक मनाने आने वाले लोगों द्वारा छोड़ा जा रहा झूठा खाकर वे जिंदगी बिता रहे हैं.

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17 जनवरी को एमजीएम अस्पताल में कुपोषण से हुई कृष्णा पात्रो की मौत की जांच करने के लिए जेएचआरसी के टीम पहुंची, तो पता चला कि उसके पिता अन्य दो बच्चों के साथ पिकनिक स्पॉट पर गये हैं, जहां से बचा हुआ खाना लेकर आयेंगे.
मृतक की मां ने बताया कि इस पिकनिक के दौरान यहां अधिकतर घरों में खाना नहीं बनता है. घर के सभी लोग पिकनिक स्पॉट से खाना लेकर आते हैं, उसके बाद खाते हैं. जेएचआरसी प्रमुख मनोज मिश्रा ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि मृतक कृष्णा सबर सुबह तक ठीक से खाना भी खाया, उसके बाद उसको सांस लेने में दिक्कत होने लगी.
इसकी जानकारी सहिया सरस्वती सिंह को मिली, तो 108 एंबुलेंस से उसे फूलडुंगरी स्वास्थय केंद्र भेजा गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद एमजीएम रेफर किया गया. एमजीएम में इलाज के दौरान रात में उसकी मौत हो गयी. कृष्णा सबर के बारे में बताया गया कि वह पहले से ही कुपोषित था, जिसको तीन से 20 जून तक कुपोषण उपचार केंद्र फूलडुंगरी में भर्ती कराया गया था.
जांच के क्रम में आया कि बस्ती में एक से 12 वर्ष के 20-25 बच्चे हैं, जो शत-प्रतिशत कुपोषित हैं. वे बच्चे स्कूल नहीं जाते. कहा की शीघ्र ही जेएचआरसी का एक प्रतिनिधिमंडल उपयुक्त से मिलकर इस वर्ग के बेहतर भविष्य के लिए एक प्रोजेक्ट बना कर देगा. जांच टीम में मनोज मिश्रा के साथ ही आरसी प्रधान, जगन्नाथ मोहंती, विश्वजीत सिंह शामिल थे.
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