हजारीबाग के 279 बच्चों का प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने का सपना चकनाचूर, 72,000 का आय प्रमाण पत्र बना विलेन
स्कूल में बैठकर पढ़ते बच्चे. एआई जेनरेटेड प्रतीकात्मक तस्वीर.
Hazaribagh News: झारखंड के उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल का मुख्यालय जिला हजारीबाग में मान्यता प्राप्त अलग-अलग 23 निजी स्कूलों में आरटीई के तहत गरीब बच्चों के नामांकन का मामला. जिला प्रशासन ने 550 से अधिक आवेदन प्राप्त किया है. नया सत्र चालू के 19 दिन बीत चुके हैं. एक भी बच्चों का नामांकन नहीं लिया गया है. बच्चों की समय पर पढ़ाई को लेकर प्रशन खड़ा है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.
हजारीबाग से आरिफ की रिपोर्ट
Hazaribagh News: झारखंड के हजारीबाग में करीब 279 बच्चों का प्राइवेट स्कूलों में फ्री पढ़ाई करने का सपना चकनाचूर हो गया है. इसका कारण यह है कि उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल मुख्यालय में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत गरीब बच्चों के नामांकन के लिए जिला प्रशासन की ओर से 72,000 रुपये सालाना आमदनी का प्रमाण पत्र जमा कराना अनिवार्य कर दिया गया. स्थिति यह है कि सत्र 2026-27 शुरू हुए 19 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक 23 निजी स्कूलों में नामांकन प्रक्रिया अधूरी है. इससे सैकड़ों बच्चे पढ़ाई से दूर हैं और अभिभावकों में चिंता बढ़ती जा रही है.
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23 निजी स्कूलों की सूची तैयार
जिला प्रशासन की ओर से जारी वेबसाइट पर आवेदन की निर्धारित समय सीमा 14 मार्च 2026 तक 550 से अधिक आवेदन लिया गया है. इसमें अलग-अलग 23 निजी स्कूलों में 279 बच्चों की सूची तैयार कर नामांकन के लिए संबंधित स्कूलों को भेजने का जी मैन शिक्षा अधिकारियों की है. सबसे अधिक बरकट्ठा प्रखंड में डिवाइन पब्लिक स्कूल गंगपाचो, चौपारण प्रखंड में सुरेखा प्रकाश भाई पब्लिक स्कूल बहेरा, शहरी क्षेत्र में नेशनल पब्लिक स्कूल और इचाक प्रखंड के चैंपियन बेसिक अकैडमी कुल चार जगहों पर 20-20 बच्चों का नामांकन होना तय गया है. वहीं, सबसे कम डाडी प्रखंड के डीएवी पब्लिक स्कूल गिद्दी-ए में पांच बच्चों का नामांकन होगा. नामांकन प्रक्रिया में देरी को लेकर अभिभावक परेशान है. अभिभावक में तरह-तरह की चर्चा का बाजार गर्म है.
किस निजी स्कूल में कितना नामांकन
- बरही डीएवी पब्लिक स्कूल- नर्सरी – 10
- बड़कागांव डीएवी पब्लिक स्कूल उरीमारी- एलकेजी-08
- बरकट्ठा डिवाइन पब्लिक स्कूल गंगपाचो- वन-20
- चौपारण सुरेखा प्रकाश भाई पब्लिक स्कूल बहेरा- वन-20
- शहरी क्षेत्र-दिल्ली पब्लिक स्कूल-वन-15
- शहरी क्षेत्र-जैक एंड जिल स्कूल सिंघानी-नर्सरी-10
- शहरी क्षेत्र-लॉर्ड कृष्णा स्कूल अमृतनगर-वन-10
- शहरी क्षेत्र-संत पॉल स्कूल-वन-10
- शहरी क्षेत्र-सरस्वती शिशु विद्या मंदिर कुम्हारटोली-वन-10
- शहरी क्षेत्र-नेशनल पब्लिक स्कूल-वन-20
- शहरी क्षेत्र-संत स्टेफन स्कूल-वन-15
- शहरी क्षेत्र-श्री रामकृष्ण शारदा मठ एंड मिशन-नर्सरी 12
- शहरी क्षेत्र-माउंट एग्माउंट स्कूल-एलकेजी- 15
- शहरी क्षेत्र-डीएवी पब्लिक स्कूल-नर्सरी-15
- शहरी क्षेत्र-नमन विद्या-नर्सरी- 07
- शहरी क्षेत्र- रोजबड स्कूल- एलकेजी- 07
- शहरी क्षेत्र-ओएसिस स्कूल हजारीबाग-नर्सरी-10
- शहरी क्षेत्र-न्यू हजारीबाग पब्लिक स्कूल हूपाद- नर्सरी-10
- इचाक-चैंपियन बेसिक अकैडमी-वन-20-
- कटकमदाग-एंजेलस हाई स्कूल सिरसी-एलकेजी-10
- कटकमदाग- दिल्ली पब्लिक स्कूल शंकरपुर-एलकेजी-10
- कटकमसांडी-संत अगस्टिन हाई स्कूल कंचनपूर-वन-10
- डाडी-डीएवी पब्लिक स्कूल गिद्दी-ए-नर्सरी-05
आय प्रमाण पत्र जरूरी
सभी निजी स्कूलों में गरीब बच्चों के नामांकन को लेकर उसके अभिभावकों को 72 हजार रुपये का इनकम सर्टिफिकेट (प्रमाणपत्र) देना अनिवार्य किया गया है. शिक्षा अधिकारी बता रहे हैं 72 हजार का इनकम सर्टिफिकेट आरटीई के संकल्प में है. वहीं, दूसरी और वर्तमान समय जिले भर के अधिकांश अंचल कार्यालय की ओर से 72 हजार का इनकम सर्टिफिकेट जारी नहीं किया जा रहा है. इधर अपने बच्चों के नामांकन को लेकर कई अभिभावकों ने 72000 के इनकम सर्टिफिकेट दिया है. जांच में अधिकतर इनकम सर्टिफिकेट फर्जी मिल रहा है. शिक्षा अधिकारी एक-एक इनकम सर्टिफिकेट को गंभीरता से जांच कराने में जुटे हैं. इस तरह बच्चों के समय पर नामांकन कार्य पूरा नहीं होने के पीछे 72000 का इनकम सर्टिफिकेट की जांच को मुख्य कारण माना जा रहा है.
क्या कहते हैं डीएसई
जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) आकाश कुमार ने कहा कि समय सीमा के भीतर नामांकन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि विभाग गंभीरता से इस मुद्दे पर काम कर रहा है और जल्द ही सभी योग्य बच्चों का नामांकन सुनिश्चित किया जाएगा.
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