महाने नदी घाटी पर शोध को मिली सराहना

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महाने नदी घाटी पर शोध को मिली सराहना

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हजारीबाग. चौपारण के युवा शोधकर्ता शशि शेखर को आईआईटी धनबाद में आयोजित मिशन वाई नदियों के लिए भूमि अधिग्रहण एवं संरक्षण विषयक दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में उनके ऐतिहासिक शोध के लिए सम्मानित किया गया. सम्मेलन में देशभर के वैज्ञानिकों, शोधार्थियों और पर्यावरणविदों ने भाग लिया था.कार्यक्रम का उद्घाटन जल संरक्षण विशेषज्ञ डॉ राजेन्द्र सिंह, ‘डॉल्फिन मैन’ डॉ आरके सिन्हा, सरयू राय, निदेशक डॉ शुकुमार सहित अन्य अतिथि शामिल थे. शोधकर्ता शशि शेखर ने हजारीबाग की महाने (मुहाने) नदी घाटी के किनारे विकसित लगभग 3000 वर्ष पुरानी सभ्यता पर शोध प्रस्तुत किया. उन्होंने दैहर, सोहरा, हथिंदर व मानगढ़ में मिले एनबीपीडब्ल्यू, प्राचीन मूर्तियों और ऐतिहासिक अवशेषों का उल्लेख किया.उन्होंने बताया कि मुहाने नदी कटकमसांडी से निकलकर चतरा होते हुए बिहार में निरंजना से मिलती है और आगे फल्गु नदी की सहायक बनती है. उन्होंने कहा कि छोटी नदियों का क्षरण बड़ी नदियों के अस्तित्व के लिए खतरा है.सम्मेलन में प्रस्तुत टेराकोटा रिंग वेल के साक्ष्य ने विशेषज्ञों का ध्यान खींचा. इस उपलब्धि पर डॉ आरके सिन्हा ने उन्हें सम्मानित किया

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Akarsh Aniket

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By Akarsh Aniket

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