संत कोलंबा कॉलेज के उर्दू विभाग में नामांकन बंद करने का विरोध

Author Mithun|Edited by Kumarvishwat Sen
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उर्दू में नामांकन बंद होने पर नाराजगी ब्यक्त करते विद्यार्थी | Prabhat Khabar Network

हजारीबाग के संत कोलंबा कॉलेज में उर्दू विभाग में नामांकन बंद करने के सरकारी फैसले का छात्रों ने विरोध किया है। सरकार से निर्णय वापस लेने की मांग की गई है।

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हजारीबाग. झारखंड सरकार की ओर से लागू क्लस्टर सिस्टम के तहत संत कोलंबा महाविद्यालय के उर्दू विभाग में स्नातक स्तर पर नामांकन बंद किये जाने का छात्रों ने विरोध किया है. विद्यार्थियों का कहना है कि इस निर्णय से उर्दू विषय में उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों का भविष्य प्रभावित होगा. उन्होंने सरकार से उर्दू विभाग में पुनः नामांकन शुरू करने की मांग की है.

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छात्रों ने कहा कि संत कोलंबा महाविद्यालय जिले का प्रमुख शिक्षण संस्थान है, जहां उर्दू विषय में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं अध्ययन करते हैं. कॉलेज शहर के बीच स्थित होने के कारण छात्राओं के लिए भी यह सुरक्षित और सुविधाजनक है. ऐसे में नामांकन बंद होने से विद्यार्थियों को काफी परेशानी होगी.

विद्यार्थियों ने बताया कि इसी महाविद्यालय से बड़ी संख्या में छात्र आगे चलकर विनोबा भावे विश्वविद्यालय के पीजी उर्दू विभाग और पीएचडी तक पहुंचते हैं. स्नातक स्तर पर नामांकन बंद होने से उच्च शिक्षा की पूरी शृंखला प्रभावित होगी. छात्रों ने मुख्यमंत्री और मानव संसाधन विकास मंत्री से इस निर्णय पर पुनर्विचार करते हुए संत कोलंबा महाविद्यालय के उर्दू विभाग में पुनः नामांकन प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है.


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