नदी सूखी तो कुएं से डाला पानी, तब किया धार्मिक अनुष्ठान
Author Prabhat khabar news desk
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बड़कागांव की कई नदियां सूख चुकी हैं. सिंचाई और धार्मिक अनुष्ठान कार्यक्रम के लिए लोगों को परेशानी हो रही है.
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बड़कागांव.
बड़कागांव की कई नदियां सूख चुकी हैं. सिंचाई और धार्मिक अनुष्ठान कार्यक्रम के लिए लोगों को परेशानी हो रही है. ग्रामीणों का कहना है कि पहले तो नदियां सूखती थी, लेकिन एक फीट खोदने से पानी निकल जाता था. अब 10-15 फीट गड्ढे करने के बावजूद पानी नहीं निकलता है. इसका मुख्य कारण भूजल स्तर बहुत नीचे चला जाना है. साथ ही कोयला खनन और नदियों से दिन-रात बालू खनन से भी जलस्तर प्रभावित हुआ है. इस कारण अधिकांश कुएं, तालाब और चापाकल भी जवाब दे चुके हैं. हरदरा नदी (सूर्य मंदिर), पीपल नदी, तरीवा नदी, झरिवा नदी, छपेरवा शिबाडीह की नदी समेत दर्जनों नदियां अप्रैल में ही सूख चुके हैं. पीपल नदी, झरीवा नदी, हरदरा नदी में चैती छठ पूजा के दौरान 10-15 फीट गड्ढे खोदकर पूजा की गयी. जबकि सिरमाा छावनिया नदी में चार फीट गड्ढे खोदकर छठ पूजा की गयी थी. इसबार हरदरा नदी में 15 फीट गड्ढे खोदकर बनस पूजा हुई. हरदरा नदी के बगल में कुआं है. कुएं से विलियर्स मशीन से नदी में पानी डाला जाता है. इसके बाद धार्मिक अनुष्ठान होते हैं.आपके शहर में
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