हजारीबाग के बाद चतरा में भी जीएसटी पर कार्यशाला, कारोबारियों की दी गई अहम जानकारी

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हजारीबाग का टैक्स ऑफिस. फोटो: प्रभात खबर

GST News: चतरा में राज्य-कर विभाग द्वारा जीएसटी और झारखंड प्रोफेशनल टैक्स को लेकर जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई. अधिकारियों ने कारोबारियों को जीएसटी निबंधन, कर भुगतान और ऑनलाइन प्रक्रिया की जानकारी दी. कार्यशाला में व्यापारियों, चार्टर्ड अकाउंटेंट और अधिवक्ताओं ने भाग लिया. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

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हजारीबाग से आरिफ की रिपोर्ट

GST News: झारखंड के हजारीबाग राज्य-कर अंचल के अधीन चतरा जिले में व्यवसायियों को जीएसटी और झारखंड प्रोफेशनल टैक्स (जेपीटी) को लेकर जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया. चतरा मेन रोड स्थित होटल एंजेल रेजिडेंसी में आयोजित इस जागरूकता शिविर में शहर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में छोटे और बड़े व्यवसायियों ने हिस्सा लिया. कार्यशाला का उद्देश्य कारोबारियों को जीएसटी नियमों, निबंधन प्रक्रिया, कर भुगतान और उससे जुड़े तकनीकी पहलुओं की जानकारी देना था. अधिकारियों ने व्यापारियों को समय पर कर भुगतान और कानूनी रूप से व्यवसाय संचालन के फायदे भी बताए.

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अधिकारियों ने दी तकनीकी जानकारी

हजारीबाग अंचल के राज्य-कर संयुक्त आयुक्त संजय कुमार गुप्ता ने बताया कि कार्यशाला के माध्यम से जीएसटी और झारखंड प्रोफेशनल टैक्स से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी व्यापारियों के बीच साझा की गई. उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य व्यापारियों को कर प्रणाली के प्रति जागरूक बनाना और उन्हें ऑनलाइन प्रक्रियाओं को समझाना है. इस कार्यशाला के लिए तीन अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई थी. इनमें राज्य-कर सहायक आयुक्त विनोद कुमार मिंज, राज्य-कर पदाधिकारी फिरोज आलम और सुरजित कुमार शामिल थे. अधिकारियों ने व्यवसायियों को जीएसटी निबंधन, रिटर्न फाइलिंग और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं की विस्तार से जानकारी दी.

निबंधन नहीं लेने वाले व्यापारियों को किया प्रेरित

कार्यशाला में ऐसे व्यवसायियों पर विशेष जोर दिया गया, जिन्होंने अब तक जीएसटी में निबंधन नहीं कराया है. अधिकारियों ने उन्हें कानूनी रूप से व्यवसाय संचालन के लिए जीएसटी निबंधन कराने की सलाह दी. अधिकारियों ने बताया कि जीएसटी निबंधन लेने से व्यवसायियों को कई लाभ मिलते हैं. इससे कारोबार को कानूनी मान्यता मिलती है और बड़े स्तर पर व्यापार करने में सुविधा होती है. साथ ही सरकारी योजनाओं और बैंकिंग सुविधाओं का लाभ भी आसानी से मिल सकता है. वहीं बिना निबंधन के व्यवसाय चलाने से होने वाले नुकसान और कानूनी कार्रवाई की जानकारी भी व्यापारियों को दी गई. अधिकारियों ने कहा कि अनिबंधित व्यवसाय भविष्य में परेशानी का कारण बन सकते हैं.

आसान प्रक्रिया से कराया गया अवगत

कार्यशाला में व्यवसायियों को जीएसटी निबंधन की आसान ऑनलाइन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया गया. अधिकारियों ने बताया कि अब अधिकांश प्रक्रियाएं डिजिटल माध्यम से पूरी की जा रही हैं, जिससे व्यापारियों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ती. तकनीकी सहायता के लिए ऑपरेटर सुमित कुमार मिश्रा और नरेश कुमार भी कार्यशाला में मौजूद रहे. उन्होंने व्यापारियों को ऑनलाइन आवेदन, दस्तावेज अपलोड और पोर्टल के इस्तेमाल से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी दी. व्यापारियों ने भी कार्यशाला के दौरान अधिकारियों से कई सवाल पूछे, जिनका समाधान मौके पर ही किया गया. इससे व्यापारियों को कर प्रणाली को समझने में काफी मदद मिली.

राजस्व संग्रहण और व्यापार विकास पर जोर

राज्य-कर अधिकारियों ने कार्यशाला के दौरान समय पर कर भुगतान के महत्व पर भी जोर दिया. अधिकारियों ने कहा कि नियमित रूप से राजस्व भुगतान करने से न सिर्फ राज्य की आर्थिक व्यवस्था मजबूत होती है, बल्कि व्यापारियों का कारोबार भी व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ता है. उन्होंने बताया कि छोटे और बड़े सभी कारोबारियों के लिए कर नियमों का पालन जरूरी है. समय पर टैक्स जमा करने से व्यवसायियों को भविष्य में कानूनी और आर्थिक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता.

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चार्टर्ड अकाउंटेंट और वकील भी रहे मौजूद

इस जागरूकता शिविर में व्यापारियों के अलावा चार्टर्ड अकाउंटेंट, टैक्स प्रैक्टिशनर और कई अधिवक्ता भी मौजूद रहे. विशेषज्ञों ने व्यापारियों को कर प्रणाली से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सलाह दी. कार्यशाला के दौरान व्यापारियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से उन्हें सरकारी नियमों को समझने और अपने कारोबार को व्यवस्थित तरीके से चलाने में मदद मिलती है. राज्य-कर विभाग का कहना है कि आगे भी विभिन्न जिलों में इस तरह की जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी ताकि अधिक से अधिक व्यापारियों को जीएसटी और कर व्यवस्था के प्रति जागरूक बनाया जा सके.

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