एमएमडीआर संशोधन के विरोध पर आदित्य साहू का हमला, बोले- कोयला चोरी का धंधा बंद होने से हो रहा विरोध

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प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्यसभा सांसद आदित्य साहू,विधायक मनोज यादव और प्रदीप प्रसाद | Prabhat Khabar Network

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आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड में अवैध कोयला चोरी बंद होने के कारण खनन नियमों का विरोध हो रहा है. उन्होंने राज्य सरकार पर DMFT राशि के दुरुपयोग और अधिक सेस से उद्योगों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया. कोयला चोरी रोकने के लिए CISF की तैनाती की जा रही है.

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हजारीबाग. राज्यसभा सांसद सह भाजपा झारखंड प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि खनन और खनिज विकास विनियमन को लेकर देश के किसी अन्य राज्य में विरोध नहीं हो रहा है. झारखंड में इसका विरोध इसलिए किया जा रहा है, क्योंकि इसके लागू होने से कोयला चोरी का अवैध धंधा बंद हो रहा है. उन्होंने यह बातें सोमवार को हजारीबाग परिषदन में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहीं.

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आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के संरक्षण और पुलिस व्यवस्था की मिलीभगत से प्रतिदिन हजारों ट्रक अवैध कोयला लातेहार, चतरा, दुमका समेत अन्य क्षेत्रों से निकाला जा रहा है. उन्होंने कहा कि इससे सीसीएल और बीसीसीएल जैसी सरकारी कंपनियों के कोयले की बिक्री प्रभावित हो रही है. उन्होंने केंद्रीय कोयला मंत्री के साथ हुई बातचीत का हवाला देते हुए कहा कि कोयला चोरी पर चिंता जतायी गयी है.

झारखंड में अधिक सेस से उद्योगों को नुकसान : साहू

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि झारखंड सरकार ने कोयले पर 450 रुपये प्रति टन और आयरन ओर पर 600 रुपये प्रति टन सेस लगाया है. उनके अनुसार, पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में कोयले पर सेस काफी कम है. इसके कारण स्थानीय उद्योगपति और पावर प्लांट झारखंड से कोयला और आयरन ओर खरीदने के बजाय छत्तीसगढ़ और ओडिशा से खरीदने को मजबूर हैं. इससे राज्य को राजस्व का नुकसान हो रहा है.

उन्होंने कहा कि ओडिशा ने बीते कुछ वर्षों में खदानों की नीलामी से 80 हजार करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया, जबकि झारखंड में पिछले छह वर्षों में 34 में से केवल चार खदानों की नीलामी हुई. उनका आरोप है कि सभी खदानों की पारदर्शी नीलामी नहीं होने से राज्य को राजस्व का नुकसान हो रहा है.

डीएमएफटी राशि के दुरुपयोग का लगाया आरोप

आदित्य साहू ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) के तहत झारखंड को करीब 19 हजार करोड़ रुपये मिले हैं. इसमें पश्चिमी सिंहभूम को करीब 3,700 करोड़ रुपये मिलने का दावा करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि इस राशि का इस्तेमाल जनता के विकास के बजाय अधिकारियों और नेताओं के बंगलों में स्विमिंग पूल और जिम बनाने में किया गया.

कोयला चोरी रोकने के लिए सीआइएसएफ तैनाती का दावा

उन्होंने कहा कि कोयला चोरी रोकने के लिए हाल ही में आम्रपाली क्षेत्र में सीआइएसएफ के 200 जवानों को तैनात किया गया है. जल्द ही राज्य के अन्य खनन क्षेत्रों में भी सीआइएसएफ की तैनाती की जायेगी. उन्होंने दावा किया कि सीआइएसएफ की तैनाती और कड़े नियमों के कारण अवैध कोयला कारोबार पर रोक लगी है तथा पिछले एक महीने में वैध डीओ लगाने वाले कारोबारियों की संख्या में 75 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है.

मौके पर बरही विधायक मनोज यादव, सदर विधायक प्रदीप प्रसाद, बरकट्ठा विधायक अमित यादव, प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह, प्रदेश मंत्री सरोज सिंह, अमरदीप यादव, जिला महामंत्री जयनारायण कुशवाहा, शिवलाल महतो, शेफली गुप्ता, आनंद देव, कुणाल किशोर दुबे, दीपक मेहता, आलोक कुमार, मनमीत अकेला, कुलदीप कृष्णा, टुन्नू गोप, रेणुका साहू, राजेश गुप्ता, सुदेश चंद्रवंशी और अजीत चंद्रवंशी समेत भाजपा के कार्यकर्ता मौजूद थे.

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