पहाड़ों की रानी नेतरहाट घाटी में संभल कर सफर करें, क्षतिग्रस्त है गार्डवाल, धंस रही है सड़क

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Jharkhand news, Gumla news : पहाड़ों की मल्लिका नेतरहाट घाटी से अगर आप सफर कर रहे हैं तो संभल कर. क्योंकि गुमला जिला अंतर्गत बिशुनपुर ब्लॉक से होकर जाने वाली घाटी में बना गार्डवाल जगह- जगह क्षतिग्रस्त हो गया है या फिर टूट गया है. कई जगह तो गार्डवाल धंसकर खाई में जा गिरा है. जगह- जगह सड़क भी बारिश के पानी से धंस रही है. कुछ स्थानों पर मुख्य सड़क पर जलजमाव हो गया है, जिससे कभी भी यहां हादसा हो सकता है.

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Jharkhand news, Gumla news : गुमला (दुर्जय पासवान) : पहाड़ों की मल्लिका नेतरहाट घाटी से अगर आप सफर कर रहे हैं तो संभल कर. क्योंकि गुमला जिला अंतर्गत बिशुनपुर ब्लॉक से होकर जाने वाली घाटी में बना गार्डवाल जगह- जगह क्षतिग्रस्त हो गया है या फिर टूट गया है. कई जगह तो गार्डवाल धंसकर खाई में जा गिरा है. जगह- जगह सड़क भी बारिश के पानी से धंस रही है. कुछ स्थानों पर मुख्य सड़क पर जलजमाव हो गया है, जिससे कभी भी यहां हादसा हो सकता है.

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नेतरहाट घाटी करीब 18 किलोमीटर लंबा है. यह घाटी बिशुनपुर प्रखंड के चटकपुर गांव नदी से शुरू होता है, जो टुटुवापानी मोड़ तक है. यह घाटी घुमावदार है. सड़क ठीक है, लेकिन इसका गार्डवाल खतरनाक है. गार्डवाल नहीं रहने के कारण अक्सर गाड़ी चालक संतुलन खोने के बाद खाई के नीचे गिर जाते हैं, जिससे हादसे हो जाता है.

समाजसेवी भिखारी भगत ने कहा कि अगर नेतरहाट घाटी का गार्डवाल बन जाये और जगह- जगह खतरनाक मोड़ का बोर्ड लग जाये, तो वाहन चालक संभलकर चल सकते हैं. लेकिन, वर्षों पहले बना गार्डवाल क्षतिग्रस्त हो गया है, जिसकी मरम्मत नहीं हुई है.

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भूषण भगत एवं जितेश मिंज ने कहा कि गुमला प्रशासन को चाहिए कि नेतरहाट घाटी को सुंदर बनाये, क्योंकि यह विश्व विख्यात पर्यटक स्थल है. इसे सुंदर और सुरक्षात्मक बनाना जरूरी है, ताकि टूरिस्ट क्षेत्र में आये तो उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो. उन्होंने कहा कि नेतरहाट घाटी की मरम्मत के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ट्वीट किया जायेगा.

छोटानागपुर की रानी के नाम से प्रसिद्ध है नेतरहाट

नेतरहाट घाटी समुद्र सतह से 3700 फीट की ऊंचाई पर स्थित है. यह गुमला से 80 और रांची से करीब 160 किमी दूर है. प्रकृति ने इसे बहुत ही खूबसूरती से संवारा है. यहां पर लोग सूर्योदय एवं सूर्यास्त देखने आते हैं. यह नजारा नेतरहाट से करीब 10 किमी की दूरी पर आकर्षक ढंग से देखा जा सकता है. सूर्योदय एवं सूर्यास्त के अलावा यहां की बनावट काफी खूबसूरत है. इसलिए इसे पहाड़ों की मल्लिका कहा गया है. छोटानागपुर की रानी के नाम से प्रसिद्ध नेतरहाट घाटी का कुछ हिस्सा लातेहार एवं कुछ हिस्सा गुमला जिला में पड़ता है. समुद तल से 3700 फीट की ऊंचाई पर स्थित नेतरहाट में ठंडा खत्म होने एवं गर्मी के मौसम में पर्यटकों की भारी भीड़ रहती है. वैसे तो सालों भर यहां ठंड का मौसम बना रहता है. यहां का सूर्योदय और सूर्यास्त देखने के लिए भी लोग आते हैं. घने जंगल के बीच बसे इस जगह की प्राकृतिक सुंदरता देखते ही बनती है.

घाटी में झरना है, जिसे सुंदर बनाने की जरूरत

घाटी में जगह-जगह झ���ना भी है, जिसे मुख्य सड़क के किनारे से देखा जा सकता है. लेकिन, नेतरहाट घाट का समुचित विकास एवं सुंदर रूप नहीं देने के कारण झरना भी बेजान है. झरना झाड़ियों के बीच ओझल नजर आता है. अगर सरकार एवं प्रशासन घाटी में स्थित झरना को भी सुंदर बनाये, तो पर्यटकों के लिए यह मुख्य आकर्षण का केंद्र होगा. कई जगह झरना की बनावट सुंदर है, जो हर किसी का मन को लुभाता है.

Posted By : Samir Ranjan.

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