मृत आत्माओं के गांव में घूमने की अफवाह से दहशत, थाना पहुंचे सैकड़ों ग्रामीण

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थाना पहुंचे गांव के लोग | Prabhat Khabar Network

गुमला के बड़काडीह गांव में सड़क हादसे में मृत 2 लोगों की आत्मा घूमने की अफवाह से ग्रामीण दहशत में हैं. लोगों का आरोप है कि गांव की भगताइन ने दोनों मृतक के आत्मा को जगा दिया है जो गांव में घूम रहे हैं.

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गुमलाः जिले के घाघरा प्रखंड के बड़काडीह गांव में सड़क हादसे में मृत दो लोगों की आत्माओं के गांव में घूमने की अफवाह से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. इस मामले को लेकर मंगलवार को सैकड़ों महिला-पुरुष घाघरा थाना पहुंचे और पुलिस को पूरी जानकारी दी.

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क दुर्घटना में मृत दो लोगों की आत्माओं को गांव की एक भगताइन ने जगा दिया है, जिससे गांव में किसी अनहोनी की आशंका बनी हुई है. हालांकि, आरोपों को खारिज करते हुए भगताइन धनमुनि ने कहा कि उन्होंने किसी आत्मा को नहीं जगाया है. उनका आरोप है कि गांव के चार-पांच लोग उन्हें बेवजह परेशान कर रहे हैं. मामले को गंभीरता से लेते हुए घाघरा थाना पुलिस ने कहा कि बुधवार को गांव में बैठक कर ग्रामीणों को समझाया जाएगा और स्थिति सामान्य बनाने का प्रयास किया जाएगा.

अंतिम संस्कार स्थल पर मड़वा गाड़कर बनाया खिचड़ी-खीर

ग्रामीणों के अनुसार, 28 जुलाई को बड़काडीह निवासी मंगरा उरांव और विश्राम उरांव (चरकू) की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी. गांव की परंपरा के अनुसार दोनों का अंतिम संस्कार गांव की सीमा पर किया गया. आरोप है कि 31 जुलाई को गांव की धनमुनि भगताइन समेत तीन महिलाएं अंतिम संस्कार स्थल पर पहुंचीं, जहां मड़वा गाड़कर खिचड़ी और खीर बनाई तथा वहीं भोजन किया. ग्रामीणों का दावा है कि इसके बाद से मृतकों की आत्माएं गांव में घूम रही हैं.

ग्रामीणों ने जताई आपत्ति

ग्रामीणों का कहना है कि शनिवार को वे भगताइन के घर पहुंचे और अंतिम संस्कार स्थल पर मड़वा गाड़ने के औचित्य पर सवाल उठाया. उनका आरोप है कि भगताइन ने मृत आत्माओं को जगा दिया है और अब उन्हें वापस भेजना चाहिए. वहीं, भगताइन धनमुनि ने रविवार को घाघरा थाना में चार-पांच लोगों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के बाद पुलिस ने संबंधित लोगों को थाना बुलाया, तो पूरे गांव के सैकड़ों महिला-पुरुष भी वहां पहुंच गए. ग्रामीणों ने पुलिस के समक्ष कहा कि मड़वा सामान्यतः विवाह के अवसर पर गाड़ा जाता है. ऐसे में जहां मृतकों का अंतिम संस्कार हुआ, वहां मड़वा गाड़ने पर उन्होंने आपत्ति जताई और इसकी वजह पर सवाल उठाया.


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दुर्जय पासवान

लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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