गुमला नगर परिषद की टेंडर प्रक्रिया पर सवाल, संशोधन पत्र अखबार में नहीं छपने का आरोप

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गुमला नगर परिषद की करोड़ों की निविदा में नियमों के उल्लंघन का आरोप। ठेकेदार संघ ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की, अधिकारियों पर मिलीभगत का संदेह।

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संवेदक संघ ने निविदा स्थगित करने की सूचना केवल सूचना पट्ट पर लगाने पर जतायी आपत्ति, उच्चस्तरीय जांच की मांग

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गुमला : गुमला नगर परिषद द्वारा जारी करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं की निविदा प्रक्रिया को लेकर संवेदक संघ ने पारदर्शिता और नियमों के पालन पर सवाल उठाये हैं. संवेदक संघ के अध्यक्ष संतोष कुमार गुप्ता उर्फ गुड्डू का आरोप है कि नगर परिषद ने अल्पकालीन निविदा संख्या जीएमएल/एनपी/05/2026-27 को स्थगित करने से संबंधित संशोधन पत्र समाचार पत्र में प्रकाशित कराने के बजाय केवल कार्यालय के सूचना पट्ट पर चस्पा किया है.

सूचना पट्ट पर संशोधन लगाने पर जतायी आपत्ति

संतोष कुमार गुप्ता ने कहा कि नगर परिषद कार्यालय की ओर से पत्रांक 1994, दिनांक 27 अगस्त 2026 को पहला संशोधन पत्र जारी किया गया था. उनका कहना है कि मूल निविदा यदि समाचार पत्र के माध्यम से प्रकाशित की गयी है, तो उसके संशोधन, स्थगन या तिथि विस्तार की सूचना भी नियमानुसार सार्वजनिक रूप से प्रकाशित की जानी चाहिए.

संवेदक संघ का आरोप है कि निविदा से जुड़ी महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारी और कार्य की मात्रा विवरण सूची भी आम ठेकेदारों को उपलब्ध नहीं करायी गयी. संघ का कहना है कि निविदा को चुपचाप स्थगित किये जाने से स्थानीय ठेकेदारों में नाराजगी है.

चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने का लगाया आरोप

संघ अध्यक्ष संतोष कुमार गुप्ता ने आरोप लगाया कि आम ठेकेदारों को प्रक्रिया से बाहर रखने और कुछ चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने की मंशा से निविदा प्रक्रिया में इस तरह की कार्रवाई की गयी है. उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है.

संवेदक संघ ने बताया कि इस मामले को लेकर प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त, सांसद, गुमला विधायक और नगर विकास विभाग के वरीय अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजेगा. संघ ने वर्तमान निविदा को रद्द कर पारदर्शी तरीके से नये सिरे से प्रक्रिया शुरू कराने की मांग की है.

कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो ठेकेदार आंदोलन करने के साथ न्यायालय की शरण लेने को बाध्य होंगे.

इधर, मामले में नगर परिषद के सहायक अभियंता मनीष कुमार का पक्ष जानने के लिए उनके मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया. ऐसे में नगर परिषद का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका.

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