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गुमला साहित्य महोत्सव में साहित्यकारों का समागम, हेमंत सोरेन ने भेजा ये संदेश

Updated at : 17 Feb 2025 5:49 PM (IST)
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Gumla Literature Festival

गुमला लिटरेचर फेस्टिवल में उदय प्रकाश और पंकज मित्रा. फोटो : प्रभात खबर

Gumla Literature Festival: गुमला जिले में 3 दिवसीय गुमला साहित्य महोत्सव का आयोजन किया गाय है. इसमें देश के अलग-अलग हिस्से से साहित्यकारों ने हिस्सा लिया.

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Gumla Literature Festival | गुमला, दुर्जय पासवान : झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद एवं कोल इंडिया लिमिटेड के संयुक्त तत्वावधान में गुमला जिला प्रशासन ने द्वितीय गुमला साहित्य महोत्सव का आयोजन किया. द्वितीय गुमला साहित्य महोत्सव के दूसरे दिन कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के स्वागत संबोधन से हुआ. उन्होंने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के संदेश को पढ़ा. मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में गुमला की समृद्ध साहित्यिक परंपरा की सराहना करते हुए जिले में संचालित सावित्रीबाई फुले पुस्तकालय और अन्य पुस्तकालयों के माध्यम से पठन-पाठन संस्कृति को बढ़ावा देने के प्रयासों की प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि इस महोत्सव से न केवल साहित्यिक प्रतिभाओं को मंच मिलेगा, बल्कि स्थानीय भाषाओं और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान भी मिलेगी.

गुमला साहित्य महोत्सव में आये अतिथियों को स्थानीय वाद्य यंत्र मांदर भेंट किया गया. फोटो : प्रभात खबर

पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए अतिथियों ने किया पौधरोपण

कार्यक्रम की शुरुआत में अतिथियों पौधरोपण किया. इसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना था. इसके बाद साहित्य जगत के प्रसिद्ध लोगों ने अपने विचार व्यक्त किये. विक्रम ग्रीवाल, अक्षय बहिबालाजी, डॉ नारायण उरांव, यदुवंश प्रणय, जसिंता केरकेट्टा, चंद्रहास चौधरी, अनुकृति उपाध्याय, अनुज लुगून, महेश्वर सोरेन, डॉ प्रेम चंद्र उरांव, संजीव कुमार मुर्मू और शताब्दी मिश्रा ने गुमला साहित्य महोत्सव की शोभा बढ़ायी.

हजारों साहित्यप्रेमियों ने आयोजन को बनाया भव्य

हजारों नागरिकों एवं साहित्यप्रेमियों की उपस्थिति ने आयोजन को भव्य बना दिया. जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों, पुलिस अधीक्षक, जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी, उप विकास आयुक्त, आईटीडीए परियोजना निदेशक, एसडीओ सदर, एसडीओ चैनपुर, एसडीओ बसिया, एलआरडीसी गुमला सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों एवं उनके परिवार के सदस्य भी गुमला लिट फेस्ट में शामिल हुए.

गुमला लिटरेचर फेस्ट में शामिल लोग. फोटो : प्रभात खबर

स्थानीय संगीत और खानपान का अतिथियों ने उठाया लुत्फ

कार्यक्रम के दौरान सभी अतिथियों का पारंपरिक झारखंडी संस्कृति के अनुरूप स्वागत किया गया. उन्हें पंची एवं साफा पहनाया गया. स्थानीय संगीत और खानपान का भी देश के अलग-अलग हिस्से से आये साहित्यकारों ने लुत्फ उठाया.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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