परंपरागत वन निवासियों को मिलेगा जमीन का पट्टा : राजीव

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वनक्षेत्र में रहने वाले लोगों को किया जा रहा है चिह्नित गुमला : गुमला जिला मुख्यालय स्थित वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग कार्यालय परिसर में बुधवार को वन अधिकार अधिनियम 2005 को लेकर प्रशिक्षण का आयोजन किया गया. प्रशिक्षण में गुमला व सिमडेगा के सभी रेंजर, वनपाल एवं वनरक्षी शामिल हुए. प्रशिक्षण में वन […]

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वनक्षेत्र में रहने वाले लोगों को किया जा रहा है चिह्नित

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गुमला : गुमला जिला मुख्यालय स्थित वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग कार्यालय परिसर में बुधवार को वन अधिकार अधिनियम 2005 को लेकर प्रशिक्षण का आयोजन किया गया. प्रशिक्षण में गुमला व सिमडेगा के सभी रेंजर, वनपाल एवं वनरक्षी शामिल हुए. प्रशिक्षण में वन संरक्षक राजीव कुमार राय ने सभी को वन अधिकार अधिनियम 2005 के बारे में विस्तार से बताया.
कहा कि इस अधिनियम के तहत वर्ष 2005 से पहले तक आदिवासी समाज के जो लोग वनक्षेत्र में रहते आ रहे हैं और वहीं खेतीबारी कर जीवन-यापन करते आ रहे हैं, उन्हें इस अधिनियम के तहत जमीन मुहैया कराना है और जमीन से संबंधित पट्टा दिया जाना है. इसी तरह जेनरल केटेगरी के जो लोग पिछले 75 साल पहले से वनक्षेत्र में रहते आ रहे हैं, उन्हें भी इस अधिनियम से लाभान्वित किया जायेगा.
वन संरक्षक ने बताया कि राज्य के सभी जिला अंतर्गत पड़ने वाले अंचलों के माध्यम से वनक्षेत्र में रहने वाले ऐसे लोगों को चिह्नित किया जा रहा है. ऐसे लोगों को आप सभी को भी चिह्नित करना ��ै, ताकि वनक्षेत्र में निवास करने वाले लोगों को योजना से लाभान्वित किया जा सके. वहीं सिमडेगा डीएफओ प्रवेश अग्रवाल ने कहा कि अब तक काफी परंपरागत वन निवासियों को योजना से लाभान्वित किया जा चुका है.
परंतु अभी भी कई लोग हैं, जिन्हें लाभ मिलना बाकी है. प्रशिक्षण में गुमला रेंजर जोन रॉबर्ट तिर्की, बिशुनपुर रेंजर सुरेंद्र भगत, गुमला वनपाल घनश्याम चौरसिया सहित गुमला व सिमडेगा के रेंजर, वनपाल व वनरक्षी शामिल थे.
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