गोड्डा में उद्योग के लिए जमीन होगी चिह्नित, तेजस कार्यशाला में उत्पादों के निर्यात के लिए एयरपोर्ट की मांग

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गोड्डा में 'तेजस' योजना के तहत जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य बेरोजगारी खत्म करना और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देना है. मंत्री ने उद्योग के लिए जमीन की पहचान करने तथा उत्पादों के निर्यात को सुगम बनाने के लिए एयरपोर्ट के विकास की मांग की.

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गोड्डा : स्थानीय तिलका मांझी कृषि महाविद्यालय सभागार में केंद्र सरकार के उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) तथा स्टार्टअप योजना के तत्वावधान में जिला स्तरीय ‘तेजस’ (TEJAS - Transforming Entrepreneurial Journeys Across States & Districts) कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन गोड्डा विधायक सह सूबे के उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव ने किया. मौके पर डीडीसी विस्फोटे श्रीकांत यशवंत, राज्य अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य इकरारूल हसन आलम, डीआईसी प्रबंधक राजेंद्र प्रसाद, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ अमृत कुमार झा, जुडको रांची के विकास कुमार, दीपक कुमार, धनंजय प्रसाद यादव तथा झारक्राफ्ट के वरीय प्रबंधक मो. अब्दुल कादिर, मनीष कुमार आदि मौजूद थे.

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तेजस योजना से बेरोजगारी खत्म करने पर जोर

मंत्री संजय प्रसाद यादव ने राज्य में बढ़ती बेरोजगारी, पलायन और औद्योगीकरण के मुद्दे पर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों पर राज्य के 19 जिलों में ‘तेजस’ योजना लागू की गयी है. इसका मुख्य उद्देश्य बेरोजगारी खत्म करना है. उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर जागरूकता की कमी के कारण महिलाएं, बुजुर्ग और युवा इसका पूरा लाभ नहीं उठा पा रहे हैं.

गोड्डा में उद्योग लगाने के लिए जमीन चिह्नित करने की मांग

मंत्री ने गोड्डा में अब तक कोई बड़ा उद्योग स्थापित नहीं होने पर चिंता जतायी. उन्होंने डीसी से जल्द से जल्द उद्योग के लिए जमीन चिह्नित करने को कहा. राज्य के उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने केंद्र सरकार से देवघर, रांची और जमशेदपुर में इंटरनेशनल और नेशनल एयरपोर्ट विकसित करने की मांग की. उनका कहना था कि इससे संथाल परगना सहित झारखंड के उत्पादों को कोलकाता की बजाय सीधे राज्य से विदेशों में निर्यात किया जा सकेगा.

उद्योग के लिए बड़ी फैक्ट्री जरूरी नहीं

मंत्री ने कहा कि उद्योग का मतलब केवल बड़ी फैक्ट्रियां लगाना नहीं है. लोग अपने घरों से पापड़ बनाने, स्वेटर और साड़ी बुनने या सब्जी उत्पादन जैसे छोटे कुटीर उद्योग शुरू कर सकते हैं. सरकार ऐसे उद्यमियों को लोन और सब्सिडी उपलब्ध करायेगी. उन्होंने कहा कि घर में सामान तैयार करने के बाद उसे पंचायत, प्रखंड, जिला स्तर से लेकर विदेशों तक बेचने और निर्यात करने की जिम्मेदारी उद्योग विभाग की होगी.

रोजगार से रुकेगा पलायन

मंत्री ने झारखंड के युवाओं के दूसरे राज्यों में मजदूरी करने पर चिंता जतायी. उन्होंने कहा कि यहां के लोगों की मेहनत और हुनर का फायदा दूसरे राज्य उठा रहे हैं. वार्ड और पंचायत स्तर पर मुखिया व समिति के माध्यम से योजनाओं का सही प्रचार-प्रसार हो, तो युवाओं को घर में ही काम मिल सकता है. उन्होंने कहा कि रोजगार मिलने से युवा अपराध और नशाखोरी जैसी गलत दिशाओं से लौटकर विकास की राह पकड़ेंगे.

योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने की अपील

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व की सराहना करते हुए मंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों से योजनाओं का संदेश चाय-पान की दुकानों और चौराहों तक पहुंचाने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि अब दिल्ली-मुंबई कमाने जाने और कर्ज लेने के दिन लद गये हैं. उद्योग विभाग जल्द ही पोर्टल और ऐप के माध्यम से योजनाओं की विस्तृत जानकारी जनता तक पहुंचायेगा. उन्होंने आम जनता से सरकार की योजनाओं में रुचि लेने और स्वावलंबी बनने की अपील की.

आलम ने भी रखी अपनी बात

जिला स्तरीय कार्यशाला में राज्य अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य इकरारूल हसन आलम ने भी अपनी बात रखी.

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