न सड़क, न पानी... गोड्डा के गड़ी पड़वारा से विकास ने फेरा मुंह, मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे लोग

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गांव की पगडंडी वाली सड़क | Prabhat Khabar Network

गोड्डा के गड़ी पड़वारा गांव का विकास ठप. सड़क, पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में ग्रामीण नारकीय जीवन जीने को मजबूर. मंत्री से लगाई गुहार.

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ठाकुर गंगटी. प्रखंड क्षेत्र की बनियाडीह पंचायत अंतर्गत गड़ी पड़वारा गांव आज भी विकास की बाट जोह रहा है. करीब 20 घरों और 200 की आबादी वाले इस गांव में न तो पेयजल की समुचित व्यवस्था है और न ही गांव से बाहर निकलने के लिए पक्की सड़क. ग्रामीण आज भी पगडंडी के सहारे आवागमन करने को मजबूर हैं.

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गांव के ग्रामीण दुखू मिर्धा, परमेश्वर मिर्धा, सिकंदर मिर्धा, महेंद्र मिर्धा और महेश्वर यादव ने बताया कि गांव में मंडल, यादव और मिर्धा समाज के लोग रहते हैं. अधिकांश परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं और मजदूरी कर अपना जीवन यापन करते हैं. ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से गांव में रहने के बावजूद आज तक इसे पक्की सड़क से नहीं जोड़ा गया है.

सड़क नहीं, मरीजों को चारपाई पर ले जाते हैं अस्पताल

सड़क के अभाव में गांव में चारपहिया वाहन नहीं पहुंच पाता है. गांव में किसी के बीमार पड़ने पर मरीज को चारपाई पर उठाकर अस्पताल ले जाना पड़ता है. एंबुलेंस भी गांव तक नहीं पहुंच पाती है. ग्रामीणों ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि ऐसा लगता है जैसे वे किसी जेल में कैद हैं.

बरसात के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है. कीचड़ और खराब रास्ते के कारण आवागमन मुश्किल हो जाता है. ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की समस्या का असर सामाजिक जीवन पर भी पड़ रहा है. सड़क नहीं होने के कारण बच्चों के रिश्ते भी अच्छे घरों में करने में परेशानी होती है.

एक किलोमीटर पैदल चलकर लाते हैं राशन

ग्रामीणों ने बताया कि गांव के पूरब में बनियाडीह और उत्तर में धरनीचक आदिवासी गांव है. दोनों दिशाओं में जाने के लिए केवल पगडंडी है. ग्रामीणों को करीब एक किलोमीटर पैदल चलकर गोपालपुर जाना पड़ता है. वहां से राशन और अन्य जरूरी सामान माथे पर ढोकर गांव लाते हैं.

बड़े बच्चे पढ़ाई के लिए बनियाडीह जाते हैं, जबकि छोटे बच्चों के लिए गांव में आंगनबाड़ी केंद्र तक नहीं है. ऐसे में छोटे बच्चे दिनभर खेलकर समय बिताने को मजबूर हैं. ग्रामीणों का कहना है कि मूलभूत सुविधाओं के अभाव में बच्चों का भविष्य भी प्रभावित हो रहा है.

पेयजल की भी भारी किल्लत

गांव में पेयजल की समस्या भी गंभीर है. ग्रामीणों को दूर-दराज से पानी लाकर अपनी जरूरत पूरी करनी पड़ती है. गर्मी हो या बरसात, पानी की समस्या बनी रहती है. ग्रामीणों का कहना है कि सड़क और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलने के कारण गांव का विकास वर्षों से अधर में लटका हुआ है.

मुखिया ने दिया सड़क निर्माण का आश्वासन

इस संबंध में पंचायत की मुखिया गीता देवी ने बताया कि गांव में सड़क निर्माण के लिए पहल की जा रही है. जमीन उपलब्ध होते ही सड़क निर्माण कराया जाएगा, ताकि गड़ी पड़वारा गांव को मुख्य सड़क से जोड़ा जा सके और ग्रामीणों को आवागमन में राहत मिल सके.

मंत्री से मुख्य सड़क से जोड़ने की मांग

ग्रामीणों ने विधायक सह मंत्री दीपिका पांडेय सिंह से बनियाडीह गांव होते हुए गड़ी पड़वारा को मुख्य सड़क से जोड़ने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बन जाने से बरसात के दिनों में आवागमन की समस्या दूर होगी और मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के साथ बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए आने-जाने में भी सुविधा होगी.


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