गिरिडीह में हाथियों के बाद जंगली बिरनियों का आतंक, गावां में पखवाड़े भर में चार मौतों से दहशत

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गिरिडीह जिले के ग्रामीण इलाकों में हाथियों के बाद अब जंगली बिरनियों के हमले से लोग खौफ में हैं. गावां प्रखंड में पिछले पखवाड़े भर में 4 लोगों की मौत और करीब 40 लोगों के घायल होने की खबर से ग्रामीणों में दहशत है.

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गिरिडीह. जिले के ग्रामीण इलाकों में हाथियों के उत्पात के बीच अब जंगली बिरनियों के हमले ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. बिरनी, बगोदर, पीरटांड़ और गावां समेत कई प्रखंडों में हाथियों की आवाजाही और फसल नुकसान की घटनाएं सामने आ रही हैं. वहीं बेंगाबाद, तिसरी, धनवार और गावां में बिरनियों के हमले से ग्रामीण परेशान हैं. इनमें गावां प्रखंड सबसे अधिक प्रभावित बताया जा रहा है.

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गावां में जंगली बिरनियों के हमले में अब तक करीब 40 लोगों के घायल होने और चार लोगों की मौत की बात सामने आयी है. हालांकि, घायलों की संख्या के इस आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और लोग खेत, जंगल व आसपास के इलाकों में जाने से भी सावधानी बरत रहे हैं.

गावां में पखवाड़े भर में चार मौतों की खबर

गावां प्रखंड में पिछले करीब दो सप्ताह से बिरनियों के हमले की कई घटनाएं सामने आयी हैं. सबसे गंभीर मामला सेरुआ गांव निवासी धनेश्वर यादव (85) का है. बिरनियों के हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी.

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इसके अलावा क्षेत्र में बिरनी के हमले से दो अन्य लोगों की मौत की खबर भी सामने आ चुकी है. मंगलवार को पिहरा में हुई घटना के बाद पखवाड़े भर में मौतों की संख्या चार बतायी जा रही है. लगातार घटनाओं के कारण ग्रामीणों में भय का माहौल है.

खेत-जंगल जाने वाले लोग सबसे ज्यादा जोखिम में

ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग खेती, मवेशी चराने, लकड़ी-पत्ता लाने और अन्य जरूरी कामों के लिए रोजाना जंगल और खेतों की ओर जाते हैं. ऐसे में पेड़ों और झाड़ियों में बने बिरनियों के छत्ते उनके लिए खतरा बन रहे हैं.

अचानक बिरनियों के झुंड के हमले की स्थिति में लोगों के लिए सुरक्षित स्थान तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है. ग्रामीणों का कहना है कि कई स्थानों पर छत्तों की मौजूदगी की जानकारी होने के बावजूद समय रहते लोगों को सतर्क करने और खतरनाक छत्तों को हटाने की व्यवस्था नहीं हो पा रही है.

हाथियों के बाद बिरनियों ने बढ़ायी परेशानी

एक ओर गिरिडीह के कई ग्रामीण इलाकों में हाथियों की आवाजाही और उत्पात से लोग परेशान हैं, वहीं अब बिरनियों के हमलों ने ग्रामीणों के सामने एक और चुनौती खड़ी कर दी है.

ग्रामीणों ने वन विभाग से संवेदनशील इलाकों की पहचान कर लोगों को सतर्क करने, खतरनाक छत्तों को सुरक्षित तरीके से हटाने और हमले की स्थिति में त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है.

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लगातार सामने आ रही घटनाओं ने वन्यजीवों और ग्रामीण आबादी के बीच बढ़ते संघर्ष के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किये हैं. ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाये गये तो खेत और जंगल पर निर्भर लोगों के लिए खतरा और बढ़ सकता है.

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