दर्जनों हाथियों ने कर्णपुरा गांव में मचाया उत्पात, खेतों की फसल बर्बाद; ग्रामीणों में फैली दहशत

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कर्णपुरा मे रात मे हांथीयो का झुण्ड | Prabhat Khabar Network

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झारखंड के गिरिडीह में हाथियों के झुंड ने एक गांव में घुसकर जमकर उत्पात मचाया. ग्रामीणों की मानें तो हाथियों ने खेतों की फसलें रौंद दीं और घरों की चहारदीवारी को भी नुकसान पहुंचाया. इस घटना से गांव में दहशत का माहौल है.

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गिरिडीह. पीरटांड़ प्रखंड की कुम्हरलालो पंचायत के कर्णपुरा गांव में बुधवार को हाथियों के झुंड के पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया. ग्रामीणों के अनुसार, झुंड ने गांव में कई जगहों पर चहारदीवारी को क्षतिग्रस्त कर दिया और खेतों में लगी फसलों को रौंदकर नष्ट कर दिया. हाथियों के कारण किसानों को फसल और संपत्ति का नुकसान होने की बात कही जा रही है.

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हाथियों के गांव में पहुंचने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण सतर्क हो गये. लोग अपने घरों से बाहर निकलकर झुंड की गतिविधियों पर नजर रखने लगे. ग्रामीणों के अनुसार, हाथियों का झुंड जंगल की ओर से गांव में पहुंचा और खेतों की तरफ चला गया. इस दौरान कई खेतों में लगी फसलें क्षतिग्रस्त हुईं. कुछ स्थानों पर चहारदीवारी को भी नुकसान पहुंचने की बात सामने आयी है.

हाथियों के पहुंचते ही ग्रामीणों में दहशत

ग्रामीण क्षेत्रों में हाथियों के झुंड के पहुंचने से लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गयी. ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों की मौजूदगी के दौरान लोग अपने घरों से निकलने में भी सतर्कता बरतते हैं. गांव में हाथियों की गतिविधियों के कारण किसी अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती है.

ग्रामीणों के अनुसार, हाथियों का झुंड जंगल से निकलकर खेतों और आबादी वाले इलाके की ओर पहुंचा. फसलों को नुकसान पहुंचने के बाद किसानों के सामने आर्थिक क्षति की समस्या खड़ी हो गयी है. हालांकि, नुकसान की वास्तविक मात्रा का आकलन अभी नहीं हो सका है.

फसल नुकसान से किसानों की बढ़ी चिंता

किसानों के लिए खेतों में लगी फसल का नुकसान सीधे तौर पर आर्थिक नुकसान से जुड़ा है. ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों के झुंड के खेतों में पहुंचने से तैयार हो रही फसलों को नुकसान हुआ है. इसके अलावा चहारदीवारी टूटने से संपत्ति को भी क्षति पहुंची है.

ग्रामीणों का कहना है कि पीरटांड़ के वन क्षेत्र से सटे इलाकों में हाथियों का आना-जाना पहले भी होता रहा है. उनके अनुसार, समय-समय पर हाथियों के झुंड गांवों और खेतों की ओर पहुंचते हैं, जिससे फसल नुकसान के साथ ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहती है.

वन विभाग से स्थायी समाधान की मांग

ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों की आवाजाही पर निगरानी बढ़ाने और आबादी वाले क्षेत्रों में उनके प्रवेश को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है. साथ ही ग्रामीणों ने हाथियों के कारण हुए फसल और संपत्ति के नुकसान का सर्वे कराने की मांग की है.

प्रभावित किसानों का कहना है कि नुकसान का आकलन कर नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराया जाना चाहिए. ग्रामीणों ने हाथियों के आवागमन वाले क्षेत्रों में आवश्यक सुरक्षा उपाय और जागरूकता अभियान चलाने की भी मांग की है, ताकि भविष्य में मानव-हाथी संघर्ष की स्थिति को कम किया जा सके.

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है. फसल और चहारदीवारी को हुए नुकसान की वास्तविक स्थिति संबंधित विभाग के आकलन के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी.

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