मंदिर की जमीन बचाने के लिए आर-पार की लड़ाई का एलान, बगोदर में ग्रामीणों का प्रतिवाद मार्च

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प्रतिवाद मार्च में शामिल लोगों की भीड़

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बगोदर के तिरला में काली मंदिर की जमीन बचाने के लिए ग्रामीणों ने निकाला विशाल जुलूस, धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ का किया विरोध.

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बगोदर प्रखंड की तिरला पंचायत के मेलाटांड़ में जमीन बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले ग्रामीणों ने धार्मिक आस्था से खिलवाड़ के विरोध में मंगलवार को प्रतिवाद मार्च निकाला. तिरला मेलाटांड़ से शुरू हुआ मार्च जीटी रोड होते हुए बगोदरडीह बाजारटांड़ पहुंचा. इसके बाद बगोदर पुरानी जीटी रोड और बगोदर-सरिया रोड होते हुए प्रखंड कार्यालय पहुंचा.

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मार्च में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष शामिल हुए. उनके हाथों में बैनर और तख्तियां थीं. प्रदर्शनकारी नारे लगाते हुए प्रखंड कार्यालय पहुंचे. बाद में मार्च वापस बगोदर बस पड़ाव पहुंचा, जहां यह नुक्कड़ सभा में तब्दील हो गया.

काली मंदिर की जमीन को लेकर उठाये सवाल

प्रतिवाद मार्च का नेतृत्व तिरला की मुखिया सरिता साव ने किया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारे लगाये. उन्होंने काली मंदिर की जमीन से जुड़े दस्तावेजों को रद्द करने, जमीन पर कथित कब्जे को रोकने और धार्मिक आस्था से खिलवाड़ बंद करने की मांग की.

प्रदर्शनकारियों ने “बगोदर पुलिस होश में आओ”, “बगोदर के सीओ की मनमानी नहीं चलेगी”, “काली मंदिर की जमीन के जाली कागजात रद्द करो” और “धार्मिक आस्था से खिलवाड़ करना बंद करो” जैसे नारे लगाये.

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वर्षों से काली पूजा और मेले की परंपरा का दावा

भाकपा माले के प्रखंड सचिव परमेश्वर महतो ने कहा कि राजा के समय से काली मंदिर की जमीन पर पूजा-अर्चना होती आ रही है और यहां मेला भी लगता रहा है. उन्होंने कहा कि पहले गांव के कुछ जमींदार काली पूजा करते थे, लेकिन बाद में तिरला के ग्रामीणों ने इसे अपनी आस्था और परंपरा से जोड़ते हुए पूजा की जिम्मेदारी संभाली और इसे लगातार निभाते आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि ग्रामीण मंदिर की जमीन और अपनी धार्मिक परंपरा को बचाने के लिए संघर्ष जारी रखेंगे.

जमीन बचाने के लिए आर-पार की लड़ाई का ऐलान

मुखिया सरिता साव ने कहा कि तिरला गांव के ग्रामीणों की धार्मिक भावनाओं और वर्षों पुरानी परंपराओं की अनदेखी की जा रही है. उन्होंने कहा कि ग्रामीण इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे और मंदिर की जमीन बचाने के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं.

नुक्कड़ सभा की अध्यक्षता गुजर महतो ने की, जबकि संचालन शिवनारायण महतो ने किया. मौके पर परमेश्वर महतो, पूर्व मुखिया थानू महतो, जेएलकेएम प्रखंड अध्यक्ष उमेश महतो, जेएलकेएम केंद्रीय महासचिव ललिता कुमारी, चेतलाल प्रसाद, अर्जुन स्वर्णकार, नेमधारी महतो, फलजीत महतो, वीरेंद्र स्वर्णकार, जीतेंद्र महतो, मनोज कुमार, वृंदा महतो, राजेंद्र कुमार समेत बड़ी संख्या में महिला-पुरुष मौजूद थे.

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