दहक रहा गढ़वा का सदर अस्पताल, एसी-पंखे खराब और गत्ते से गर्मी को भगा रहे मरीजों के परिजन

Published by :KumarVishwat Sen
Published at :22 Apr 2026 7:59 PM (IST)
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Garhwa News
गढ़वा के सदर अस्पताल में एसी और पंखे खराब होने के बाद गत्ते के पंखे से गर्मी दूर भगाते मरीजों के परिजन. फोटो: प्रभात खबर

Garhwa News: गढ़वा सदर अस्पताल में भीषण गर्मी के बीच पंखे और एसी खराब पड़े हैं, जिससे मरीज और परिजन परेशान हैं. ड्रेसिंग रूम में गत्ते से हवा करने की नौबत आ गई. इस लापरवाही ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं और सुधार की मांग तेज हो गई है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

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गढ़वा से प्रभाष मिश्रा की रिपोर्ट

Garhwa News: झारखंड के गढ़वा जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल एक बार फिर अपनी बदहाल व्यवस्था को लेकर चर्चा में है. बुधवार को जिले के अलग-अलग सड़क हादसों में घायल सात लोग जब इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे, तो उन्हें उपचार से पहले भीषण गर्मी से जूझना पड़ा. अस्पताल की स्थिति ऐसी दिखी मानो मरीजों का इलाज नहीं, बल्कि उनकी परीक्षा ली जा रही हो. इस भीषण गर्मी में अस्पताल के पंखे और एसी खराब पड़े हैं. गर्मी से पूरा अस्पताल दहक रहा है और लोग गत्ते को पंखा बनाकर गर्मी को भगाने के प्रयास में जुटे हैं.

ड्रेसिंग रूम में पंखे-एसी बने ‘सफेद हाथी’

अस्पताल के ड्रेसिंग रूम में लगे पंखे और एसी महीनों से खराब पड़े हैं. गर्मी के इस मौसम में भी इन्हें ठीक कराने की कोई पहल नहीं की गई है. नतीजा यह है कि गंभीर रूप से घायल मरीजों को उमस भरे कमरे में इलाज कराना पड़ रहा है. स्वास्थ्य सुविधाओं के बड़े-बड़े दावों के बीच यह लापरवाही कई सवाल खड़े करती है.

गत्ते के पंखे से हवा करने को मजबूर परिजन

स्थिति इतनी खराब है कि मरीजों के परिजन गत्ते के टुकड़ों से हाथ से हवा कर अपने प्रियजनों को राहत देने की कोशिश कर रहे हैं. यह दृश्य न केवल व्यवस्था की पोल खोलता है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं को भी झकझोर देता है. ड्रेसिंग रूम जैसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह की स्थिति चिंताजनक है.

घायलों की बढ़ी परेशानी

अस्पताल पहुंचे घायलों के परिजनों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि एक तरफ मरीज सड़क हादसे के दर्द से कराह रहे हैं, तो दूसरी ओर अस्पताल के अंदर की उमस उनकी परेशानी को कई गुना बढ़ा रही है. इलाज के दौरान उचित वातावरण न मिलना मरीजों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर डाल सकता है.

प्रबंधन की लापरवाही पर उठे सवाल

परिजनों का कहना है कि अस्पताल में पंखे और एसी तो लगे हुए हैं, लेकिन महीनों से खराब पड़े हैं. इस ओर ध्यान देने वाला कोई नहीं है. यह स्थिति अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा करती है. लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती.

स्वास्थ्य व्यवस्था के दावों की खुली पोल

गढ़वा सदर अस्पताल की यह तस्वीर स्वास्थ्य विभाग के दावों की सच्चाई उजागर करती है. जहां एक ओर सरकार बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की बात करती है, वहीं जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग नजर आती है. मरीजों और उनके परिजनों को बुनियादी सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है.

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जल्द सुधार की मांग

स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों ने अस्पताल की व्यवस्था में जल्द सुधार की मांग की है. उनका कहना है कि ड्रेसिंग रूम जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर पंखे और एसी की व्यवस्था तुरंत ठीक की जानी चाहिए. साथ ही, इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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