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कम मेहनत व कम जगह में हो सकता है मुर्गी पालन

Updated at : 06 Jun 2024 9:41 PM (IST)
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कम मेहनत व कम जगह में हो सकता है मुर्गी पालन

कम मेहनत व कम जगह में हो सकता है मुर्गी पालन

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ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में गत 10 दिनों से चल रहे मुर्गी पालन प्रशिक्षण का समापन गुरुवार को किया गया. प्रशिक्षण के अंतिम दिन संस्था के निदेशक इंदु भूषण लाल ने सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया एव उनके उज्जवल भविष्य की कामना की. आरसेटी के निदेशक इंदु भूषण लाल ने कहा की यह प्रशिक्षण उनके लिए बेहतर प्लेटफॉर्म है, जो सफल उद्धमी बनकर खुद का रोजगार करना चाहते है. इस तरह वह अपने साथ-साथ दूसरों को भी रोजगार दे सकते हैं. उन्होंने कहा कि समूह की महिलाएं आसानी से मुर्गी पालन कर अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार कर सकती है. उन्होंने कहा कि मुर्गी पालन एक ऐसा बिजनेस है, जो कम पूंजी में, कम समय में, कम मेहनत में और कम जगह में शुरू किया जा सकता है. फैकल्टी मिथिलेश कुमार सिंह ने कहा की आप सभी प्रशिक्षुओं को मुर्गियों के रख रखाव, टीकाकरण, मुर्गियों को होने वाली बीमारियों के बारे में बताया गया है. मुर्गी पालन के दौरान यह जानकारी उनके काम आयेगी. उन्होंने कहा की संस्था की ओर से बकरी पालन संबंधी प्रशिक्षण शुक्रवार से शुरू होगा. जो इस क्षेत्र में रोजगार करना चाहते हैं वह प्रशिक्षण में भाग ले सकते हैं. मौके पर रूस्तम अली, अभिषेक कुमार तिवारी, सुरेंद्र रवि, प्रेमनाथ और प्रदुमन शामिल थे.

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