Garhwa News: जर्जर छत के नीचे धुरकी CHC, बारिश में शॉर्ट सर्किट से लाखों का नुकसान; प्रसव सेवा और पानी की सप्लाई प्रभावित
जर्जर छत के नीचे धुरकी सीएचसी, बारिश में टपकता पानी और शॉर्ट सर्किट से लाखों का नुकसान | Prabhat Khabar Network
धुरकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की जर्जर छत से बारिश का पानी टपकने के कारण शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे लाखों का नुकसान हुआ और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुईं।
धुरकी, गढ़वा : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धुरकी का जर्जर भवन बारिश के मौसम में मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए खतरा बनता जा रहा है. बुधवार सुबह बारिश के दौरान अस्पताल की छत से पानी टपकने और परिसर में जलजमाव के बीच पूरी बिल्डिंग में अचानक शॉर्ट सर्किट हो गया. बिजली के कनेक्शनों से धुआं निकलने लगा, जिसके बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गयी. स्वास्थ्यकर्मियों ने आनन-फानन में बाहर निकलकर बिजली का कनेक्शन काटा, जिससे बड़ा हादसा टल गया.
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शॉर्ट सर्किट के कारण अस्पताल के कई कमरों में लगे पंखे क्षतिग्रस्त हो गये, जबकि एसी और कूलर भी खराब हो गये. कार्यालय में रखे कई दस्तावेज भी जल गये. प्रारंभिक अनुमान के अनुसार घटना में लाखों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है. गनीमत रही कि घटना के समय अस्पताल में कोई मरीज मौजूद नहीं था.
बिजली बंद होने से प्रसव सेवा और पानी की व्यवस्था प्रभावित
शॉर्ट सर्किट के बाद अस्पताल की बिजली व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गयी है. बिजली कनेक्शन बंद रहने से प्रसव गृह में पानी पहुंचाने में परेशानी हो रही है. अस्पताल के अंदर पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है. छत और दीवारों से लगातार पानी का रिसाव होने के कारण बिजली व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त करना भी मुश्किल बताया जा रहा है. इससे अस्पताल में अंधेरा रहने और मरीजों के इलाज में परेशानी बढ़ने की आशंका है.
शॉर्ट सर्किट के कारण वाई-फाई कनेक्शन भी खराब हो गया है. इससे कंप्यूटर और ऑनलाइन सिस्टम से होने वाले काम प्रभावित हो रहे हैं. कनेक्शन दुरुस्त होने तक स्वास्थ्य केंद्र के कई जरूरी कार्यों में परेशानी बनी रहने की बात कही जा रही है.
जर्जर कार्यालय दूसरे कमरे में किया गया शिफ्ट
सीएचसी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रत्नेश कुमार का कार्यालय भी जर्जर हो चुका है. भवन की खराब स्थिति को देखते हुए कार्यालय को दूसरे कमरे में शिफ्ट किया गया है. लेकिन जिस कमरे में कार्यालय शिफ्ट किया गया है, वहां भी बारिश का पानी रिस रहा है. इससे स्पष्ट है कि भवन की समस्या केवल एक कमरे तक सीमित नहीं है, बल्कि कई हिस्सों में पानी का रिसाव हो रहा है.
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रत्नेश कुमार ने बताया कि भवन काफी पुराना हो चुका है और इससे पहले भी इस तरह की घटना हो चुकी है. इसकी जानकारी वरीय पदाधिकारियों को दी गयी थी. बुधवार को हुई घटना की जानकारी भी लिखित रूप से जिला स्तर पर दे दी गयी है. उन्होंने बताया कि शॉर्ट सर्किट के कारण वाई-फाई कनेक्शन भी खराब हो गया है, जिससे सिस्टम आधारित काम करने में परेशानी हो रही है.
2010-11 में बना था भवन, डेढ़ दशक में ही जर्जर
धुरकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन वर्ष 2010-11 में बनाया गया था. करीब डेढ़ दशक में ही भवन की स्थिति जर्जर हो गयी है. स्थानीय स्तर पर बताया गया कि निर्माण के बाद से भवन में पर्याप्त मरम्मती और रखरखाव का काम नहीं हुआ. इसका असर अब छत, दीवारों और बिजली व्यवस्था पर दिखाई दे रहा है.
बारिश के दौरान पानी का रिसाव और उसके बाद शॉर्ट सर्किट की घटना ने स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिये हैं. अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर जर्जर भवन में स्वास्थ्य सेवाएं संचालित होने से मरीजों और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गयी है. बुधवार की घटना में मरीज मौजूद नहीं होने से बड़ा हादसा टल गया, लेकिन भविष्य में ऐसी घटना होने पर स्थिति गंभीर हो सकती है. अब भवन की तकनीकी जांच, आवश्यक मरम्मती और बिजली व्यवस्था को सुरक्षित करने की जरूरत है.
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