अहिल्याबाई ने तलवार से नहीं परोपकार से इतिहास रचा : सुधीर पाल

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अहिल्याबाई ने तलवार से नहीं परोपकार से इतिहास रचा : सुधीर पाल

अहिल्याबाई ने तलवार से नहीं परोपकार से इतिहास रचा : सुधीर पाल

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गढ़वा. राजमाता अहिल्याबाई होलकर की पुण्यतिथि के अवसर पर गढ़वा जिला पाल महासभा ने बुधवार को चिनिया मोड़ स्थित स्थापित अहिल्याबाई होलकरजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. मौके पर प्रतिमा की साफ-सफाई भी की गयी. पाल महासभा के जिलाध्यक्ष सुधीर कुमार पाल ने कहा कि अहिल्याबाई होलकर ने तलवार से नहीं परोपकार व न्याय से इतिहास रचा था. वह एक रानी नहीं साध्वी थी, जिन्होंने गद्दी को तपोभूमि बना दिया था. युवा समाजसेवी राकेश पाल ने कहा कि अहिल्याबाई होलकर भारतीय संस्कृति की महान संरक्षक थी. उन्होंने अपने कार्यकाल में विपरीत परिस्थितियों के बीच नारी उत्थान, गरीबों के कल्याण व लोकहित के लिए अनेकों कार्य किये थे. राजमाता अहिल्याबाई होलकर का व्यक्तित्व समग्र भारतीय समाज के लिए हमेशा अनुकरणीय रहेगा. उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई होलकर पाल वंश के साथ-साथ सभी जाति, धर्म व संप्रदायों के लिए एक धरोहर है. वर्तमान पीड़ी को उनके व्यक्तित्व व कृतित्व को जानने-समझने व अपने जीवन में उतारने की जरूरत है. कार्यक्रम में अध्यक्ष सुधीर कुमार पाल, युवा समाजसेवी राकेश पाल, सुमित पाल, सुखबीर पाल, बुधन पाल, सुरेंद्र पाल, रामनाथ पाल, रामदेव पाल, जितेंद्र पाल, विवेकानंद पाल, रामेश्वर पाल, दिलीप पाल, विनय पाल आदि मौजूद थे.

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Akarsh Aniket

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