60 की जगह 10 मेगावाट ही बिजली
Author Prabhat khabar digital desk
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गढ़वा : झारखंड राज्य बनने के 20 साल बाद भी गढ़वा जिला बिजली के मामले में आत्मनिर्भर नहीं हो सका है़. पिछले दो- तीन दिनों से शहरी क्षेत्र में बिजली की संकट उत्पन्न हो गयी है, जबकि गर्मी का मौसम अभी आनेवाला है. गर्मी के दिनों में प्रत्येक साल गढ़वा जिले की बिजली व्यवसथा पूरी […]
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गढ़वा : झारखंड राज्य बनने के 20 साल बाद भी गढ़वा जिला बिजली के मामले में आत्मनिर्भर नहीं हो सका है़. पिछले दो- तीन दिनों से शहरी क्षेत्र में बिजली की संकट उत्पन्न हो गयी है, जबकि गर्मी का मौसम अभी आनेवाला है. गर्मी के दिनों में प्रत्येक साल गढ़वा जिले की बिजली व्यवसथा पूरी तरह चरमरा जाती है़.
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वर्तमान में जिले के लोगो को बिजली कम मिल पा रही है. वहीं ग्रामीण इलाकों में और भी बुरा हाल है. वर्तमान में हालात यह है कि कुछ क्षेत्रों में एक घंटा लोगों को बिजली मिल रही है,तो कहीं- कहीं वह भी नदारद है. जिले के कई सुदूर प्रखंडों में तो बिजली सिर्फ दर्शन देकर चली जा रही है.
क्यों हो रही है परेशानी: गढ़वा को वर्तमान में 60 मेगावाट बिजली की जरूरत है, जिससे लोगों को समुचित बिजली मिल पायेगी. लेकिन अभी मात्र 10 मेगावाट बिजली ही मिल पा रही है. उक्त बिजली रिहंद यूपी से मिल रही है़ जबकि वहां से 25 मेगावाट बिजली मिलती थी. लेकिन पिछले दो-तीन दिनों से स्थिति काफी खराब है.
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