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शिक्षाकर्मियों में नहीं दिख रही रुचि

Updated at : 09 Jul 2019 1:11 AM (IST)
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शिक्षाकर्मियों में नहीं दिख रही रुचि

तीन महीने तक सरकारी विद्यालयों में कक्षा एक से नौ तक में नहीं पढ़ाये जायेंगे मूल पाठ्यक्रम गढ़वा : सरकारी विद्यालय के बच्चों का अधिगमस्तर विकसित करने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग की ओर से यहां ज्ञान सेतु कार्यक्रम चलाया जा रहा है. लेकिन काफी त्रुटियों की वजह से इसकी सफलता पर प्रश्नचिह्न लगा हुआ […]

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तीन महीने तक सरकारी विद्यालयों में कक्षा एक से नौ तक में नहीं पढ़ाये जायेंगे मूल पाठ्यक्रम

गढ़वा : सरकारी विद्यालय के बच्चों का अधिगमस्तर विकसित करने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग की ओर से यहां ज्ञान सेतु कार्यक्रम चलाया जा रहा है. लेकिन काफी त्रुटियों की वजह से इसकी सफलता पर प्रश्नचिह्न लगा हुआ है. इस कार्यक्रम से जुड़े निचले स्तर से ऊपरी स्तर तक के पदाधिकारी सिर्फ औपचारिकता पूरी करने में लगे हुए है़. दूसरी तरफ ज्ञान सेतु की वजह से विद्यालय के बच्चे मूल पाठ्यक्रम से काफी दूर होते जा रहे है़.
गढ़वा जिले में इस वर्ष एक जुलाई से ज्ञान सेतु शुरू किया गया है, यह सितंबर महीने यानी तीन माह तक संचालित किया जायेगा़ इस दौरान बच्चों को विद्यालयों में सिर्फ ज्ञान सेतु का पाठ्यक्रम ही पढ़ाया जायेगा. मूल पाठ्यक्रम नही़. यह कार्यक्रम पिछले वर्ष भी विद्यालयों में चलाये गये थे़, जिसका कितना फायदा बच्चों को हुआ, इसका सही-सही आंकड़ा विभाग के पास नहीं है. विभागीय निर्देश के अनुसार तीन माह बाद भी प्रत्येक दिन 45 मिनट की पहली कक्षा ज्ञान सेतु से जुड़ी हुई ही बच्चों को पढ़ायी जायेगी. ज्ञान सेतु कार्यक्रम में पहली कक्षा से लेकर नौंवी कक्षा तक के विद्यार्थियों को शामिल किया गया है.
विद्यालयों में नहीं बनायी जा रही पाठ्य योजना
विभाग के दावे के अनुसार ज्ञान सेतु पाठ्यक्रम संचालन के पूर्व विद्यालयवार के सभी विद्यार्थियों का यह आकलन किया गया है कि वे किस विषय में कितना कमजोर है़ं उस अनुसार विद्यार्थियों का अलग-अलग ग्रुप बनाकर उन्हें उस विषय में दक्ष करने के लिये उसी विषय पर ज्यादा ध्यान देकर पढ़ाना है़ लेकिन जानकारों की माने तो विषयवार विद्यार्थियों का किया गया यह आकलन सही नहीं है. अधिकांश विद्यालयों ने कोरम पूरा करके जैसे-तैसे विद्यार्थियों की सूची बनायी है.
इसी तरह ज्ञान सेतु पाठ्यक्रम के लिए शिक्षकों को प्रतिदिन पांच बिंदुओें पर आधारित पाठ्य योजना तैयार करना है. लेकिन कुछेक विद्यालयों को छोड़कर यह कार्य योजना किसी भी विद्यालय में नहीं बनायी जा रही है़ शिक्षक जैसे-तैसे बच्चों को पढ़ाकर कोरम पूरा कर रहे है़. ज्ञान सेतु पाठ्यक्रम से जिले के 1.76 लाख बच्चों का भविष्य जुड़ा हुआ है. ऐसे में जैसे-तैसे कोरम को संपादित कर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. ज्ञान सेतु संचालन के पूर्व बच्चों के अधिगमस्तर को लेकर उनके पांच ग्रुप निर्माण, लक्ष्य, प्रगति, सुगम व सुबोध बनाया गया है.
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